फ्लाइट टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त कान में होता है दर्द? डॉक्टर से जानें इससे बचने के 5 आसान तरीके
कई लोगों को एयर प्लेन टेक ऑफ और लैंड करते समय कान में तेज दर्द होता है। इससे बचने के लिए डॉक्टर ने कुछ टिप्स बताए। ...और पढ़ें

एयर प्लेन में आपके कान में भी होता है दर्द? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हवाई यात्रा आरामदायक और समय बचाने वाली होती है, लेकिन कई यात्रियों के लिए यह एक दर्दनाक अनुभव बन जाती है। प्लेन के उड़ान भरने और लैंड के दौरान केबिन प्रेशर में तेजी से बदलाव आता है। जब हमारे कान का दबाव बाहरी वातावरण के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता, तो कान में तेज दर्द होता है, जिसे एयरप्लेन ईयर कहा जाता है।
इसके कारण हवाई यात्रा कुछ लोगों के लिए काफी परेशानी भरी हो जाती है। अगर आपके साथ भी यह समस्या होती है, तो डॉ. नेहा सूद ( डायरेक्टक- ENT एंड कॉक्लियर इंप्लांट, बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल) से कुछ टिप्स जानते हैं, जो एयरप्लेन ईयर से बचने में आपकी मदद कर सकते हैं।
दबाव को संतुलित करने की तकनीक अपनाएं
ऊंचाई में बदलाव के दौरान कान के प्रेशर को बैलेंस करना सबसे असरदार तरीका है। बार-बार थूक निगलना, जम्हाई लेना या च्युइंग गम चबाना यूस्टेशियन ट्यूब को खोलने में मदद करता है। इसके अलावा, वाल्साल्वा मैनुवर भी मददगार है। इसमें अपना मुंह बंद करके और नाक को चुटकी से दबाकर धीरे से हवा बाहर की ओर फूंकनी होती है।
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(AI Generated Image)
लैंडिंग के समय जागते रहें
एविएशन हेल्थ स्पेशेलिस्ट के अनुसार, विमान के नीचे उतरते समय जागते रहना बेहद जरूरी है। जागते रहने पर हमारी निगलने की प्रक्रिया दबाव को नियंत्रित करने में मदद करती है। अगर आप सो रहे हैं, तो यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे दर्द की संभावना बढ़ जाती है।
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प्रेशर-रेगुलेटिंग ईयरप्लग का इस्तेमाल
ऑडियोलॉजिस्ट अक्सर फिल्टर्ड ईयरप्लग के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। ये खास ईयरप्लग कान में दबाव में बदलाव की गति को धीमा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। ये उन लोगों के लिए खासतौर से फायदेमंद हैं जो अक्सर हवाई यात्रा करते हैं या जिन्हें कान में दर्द की समस्या ज्यादा होती है।
जरूरत पड़ने पर डिकंजेस्टेंट का इस्तेमाल
सर्दी या एलर्जी के कारण होने वाली जकड़न यूस्टेशियन ट्यूब को ब्लॉक कर सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर उड़ान भरने या उतरने से पहले नेजल डिकंजेस्टेंट स्प्रे या ओरल दवाओं के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं। हालांकि, इन दवाओं का इस्तेमाल बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक नहीं करना चाहिए।
शरीर में पानी की कमी न होने दें
विमान के केबिन की हवा आमतौर पर शुष्क होती है, जिससे जलन और असुविधा बढ़ सकती है। भरपूर मात्रा में पानी पीने से म्यूकोसल फंक्शन सही रहता है। साथ ही, शराब और कैफीन से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं, जिससे दबाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
डॉक्टर से सलाह
हालांकि 'एयरप्लेन ईयर' की समस्या अस्थायी होती है, लेकिन जिन यात्रियों को साइनस इन्फेक्शन, जुकाम है या जिनकी हाल ही में कान की सर्जरी हुई है, उन्हें यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।