आपकी खांसी नॉर्मल है या टीबी की शुरुआत? डॉक्टर से जानें कैसे पता करें दोनों के बीच का अंतर
अगर समय पर टीबी का पता चल जाए, तो इसका इलाज और बेहतर व आसान हो सकता है। ...और पढ़ें

2-3 हफ्ते से ज्यादा की खांसी को न समझें नॉर्मल (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर बदलते मौसम में खांसी होना एक आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर खांसी साधारण नहीं होती? भारत समेत पूरी दुनिया में टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी बनी हुई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग अक्सर टीबी की खांसी को सामान्य वायरल इंफेक्शन या एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में जानलेवा साबित हो सकता है।
आइए डॉ. विजय कुमार (डायरेक्टर- प्लमोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर, यथार्थ सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से समझते हैं कि एक सामान्य खांसी और टीबी की खांसी में क्या अंतर है और क्या टीबी का इलाज मुमकिन है?
सामान्य खांसी और टीबी में अंतर पहचानें
समय- सामान्य खांसी या वायरल इंफेक्शन कुछ दिनों से लेकर एक हफ्ते में आराम करने और हाइड्रेशन और दवा से ठीक हो जाता है। वहीं अगर खांसी दो से तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे और साधारण दवाओं से ठीक न हो, तो यह टीबी का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
साधारण खांसी में शरीर पर बहुत गहरा असर नहीं पड़ता, लेकिन टीबी एक सिस्टमिक बीमारी है। इसमें खांसी के साथ-साथ ये लक्षण भी दिखते हैं-
- शाम के समय हल्का बुखार आना
- रात में सोते समय पसीना आना
- बिना किसी कारण के तेजी से वजन कम होना
- लगातार थकान और सीने में दर्द महसूस होना
- बलगम की स्थिति- टीबी की खांसी शुरुआत में सूखी हो सकती है, लेकिन बाद में बलगम आने लगता है और गंभीर स्थिति में बलगम के साथ खून भी आ सकता है।
क्या टीबी का इलाज संभव है?
कई लोग आज भी इस गलतफहमी को सच मानते हैं कि टीबी लाइलाज बीमारी है, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। सच्चाई यह है कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है।
- टीबी का इलाज एंटीबायोटिक्स के एक निश्चित कोर्स से किया जाता है। आमतौर पर यह कोर्स कम से कम 6 महीने तक चलता है।
- इलाज के दौरान सबसे जरूरी बात यह है कि मरीज दवा का कोर्स बीच में न छोड़े। अगर दवा बीच में छोड़ दी जाए, तो बैक्टीरिया और भी शक्तिशाली हो जाते हैं, जिसे ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी कहा जाता है। इसका इलाज और भी लंबा और मुश्किल होता है।
देरी करना क्यों है खतरनाक?
टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज करना न केवल मरीज की सेहत को बिगाड़ता है, बल्कि समाज के लिए भी खतरा पैदा करता है। अगर संक्रमित व्यक्ति का इलाज न किया जाए, तो अनजाने में वह दूसरे स्वस्थ व्यक्तियों को भी संक्रमित कर सकता है। बलगम की जांच और चेस्ट एक्स-रे के जरिए शुरुआती दौर में ही इसकी पहचान की जा सकती है।