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    पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक लेना भी है जरूरी, माइंड फ्रेश करने के लिए बच्चों को सिखाएं ये एक्टिविटीज

    By Meenakshi NaiduEdited By: Swati Sharma
    Updated: Wed, 11 Mar 2026 11:53 AM (IST)

    लगातार पढ़ाई करने से बच्चों का दिमाग थकने लगता है। इसलिए पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक लेना काफी जरूरी है। ...और पढ़ें

    दिमाग को आराम देने के लिए पढ़ाई के बीच ब्रेक लेना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)

    दिमाग को आराम देने के लिए पढ़ाई के बीच ब्रेक लेना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बढ़ते कॉम्पिटिशन में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खास ध्यान देना काफी जरूरी है, लेकिन लगातार पढ़ने से दिमाग थक जाता है। इसलिए पढ़ाई के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक बेहद जरूरी है। अगर ब्रेक सही तरीके से लिए जाएं, तो पढ़ाई की स्पीड भी बनी रहती है और पढ़ा हुआ याद भी रहता है। 

    पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक्स के दौरान आप बच्चों को कुछ एक्टिविटीज में उलझा सकते हैं, जिनसे उनका दिमाग और शरीर दोनों फ्रेश महसूस करेंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में। 

    पढ़ाई के बीच ब्रेक भी है जरूरी

    • स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज- लंबे समय तक बैठने से शरीर अकड़ जाता है। ब्रेक के दौरान बच्चे स्ट्रेचिंग, जम्पिंग जैक्स या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहेगी।
    • डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज- 2-3 मिनट डीप ब्रीदिंग करने से दिमाग को आराम मिलता है। यह थकान कम करने और फोकस बढ़ाने का आसान तरीका है।
    Kid Studying Tips
    (AI Generated Image)
    • छोटे हेल्दी स्नैक ब्रेक- फ्रूट्स, ड्राई फ्रूट्स या योगर्ट जैसे हेल्दी स्नैक्स तुरंत एनर्जी देते हैं। इससे बच्चे बिना थके पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
    • म्यूजिक सुनना- 5 मिनट का लाइट म्यूजिक सुनना मूड को रिफ्रेश कर देता है। यह तनाव कम करता है और दिमाग को एक्टिव रखता है।
    • थोड़ी देर टहलना- कमरे या आंगन में थोड़ी देर टहलने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और दिमाग दोबारा एक्टिव हो जाता है।
    • क्रिएटिव एक्टिविटी- ड्रॉइंग, डूडलिंग या पजल सॉल्व करना बच्चों को मानसिक आराम देता है। यह दिमाग को पढ़ाई से हटाकर नया फोकस देता है।
    • पानी पीना- डिहाइड्रेशन ध्यान भटकाता है। ब्रेक में एक गिलास पानी पीने से दिमाग और शरीर दोनों तरोताजा रहते हैं।
    • पॉजिटिव सेल्फ-टॉक- छोटे लक्ष्य पूरे करने पर बच्चों को खुद को शाबाशी देने की आदत डालें। इससे आत्मविश्वास और मोटिवेशन बढ़ेगा।
    • आंखों को आराम देना- लगातार किताब या स्क्रीन देखने से आंखें थक जाती हैं। ब्रेक में कुछ सेकंड के लिए आंखें बंद करें या खिड़की से बाहर देखें, इससे आंखों को राहत मिलेगी।
    • मिनी गेम्स खेलना- 5 मिनट के लिए छोटे-छोटे इंडोर गेम्स, जैसे कैरम का एक शॉट या बॉल कैच करना, दिमाग को रिलैक्स कर देता है। यह बच्चे को एक्टिव और फ्रेश रखता है।

    बच्चों की पढ़ाई में छोटे-छोटे ब्रेक बहुत जरूरी हैं। ये तरीके न केवल उनका मूड फ्रेश करेंगे, बल्कि उनकी पढ़ाई की स्पीड और क्वालिटी दोनों को बेहतर बनाएंगे। स्ट्रेचिंग, स्नैक्स, म्यूजिक, पानी पीना और आंखों को आराम देने जैसे छोटे कदम बच्चों को लगातार फोकस्ड और एनर्जेटिक रख सकते हैं।