Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कंचे खेलना या पुराने गाने सुनना: कैसे ये छोटी-छोटी बातें आपके मानसिक तनाव को कर सकती हैं दूर?

    Updated: Wed, 25 Feb 2026 03:06 PM (GMT+05:30)

    जिंदगी का अकेलापन और उदासी दूर करने में रोजमर्रा के खुशी से भरे छोटे-छोटे पल काफी मददगार हो सकते हैं। ...और पढ़ें

    मनमौजी बनना है खुशियों की चाबी (Picture Courtesy: Freepik)

    मनमौजी बनना है खुशियों की चाबी (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल हम सोशल मीडिया के जाल में फंसे रहते हैं। उस पर ज्यादातर स्ट्रेस और उदासी भरी खबरें देखने को मिलती हैं। इसके कारण व्यक्ति काफी थका हुआ और अकेला महसूस करने लगता है। अगर आप भी ऐसा ही महसूस कर रहे हैं, तो घबराइए मत! इससे उबरा जा सकता है।  

    जिंदगी के दुखों और तनाव के बीच खुश रहने के लिए आपको थोड़ा व्हिम्सीकल यानी मनमौजी होना पड़ेगा। आइए समझते हैं कैसे यह आपकी मदद कर सकता है। 

    व्हिम्सी होना क्यों जरूरी है?

    व्हिम्सी का मतलब है मनमौजीपन, जो हमें उन छोटी-छोटी खुशियों से दोबारा जोड़ दे जिन्हें हम अक्सर उम्र के साथ पीछे छोड़ आते हैं। जब बहुत तनाव या उदासी घेरने लगे, तब अपने लिए खुद अच्छे पल बनाना एक बेहतरीन थेरेपी का काम करता है।

    जब हम जानबूझकर बच्चों जैसी छोटी-छोटी गलतियां या नादानियां करते हैं, तो हमारा दिमाग स्ट्रेस के साइकिल से बाहर आने लगता है। यह कोई बेवकूफी नहीं, बल्कि खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का एक जरिया है।

    Whimsical therapy (1)

    (AI Generated Image)

    कैसे काम करती है यह थेरेपी?

    कल्पना कीजिए कि आप उदासी और अकेलेपन के घेरे में हैं। ऐसे में पुराने कंचे खेलना, रंगीन और चटकीले कपड़े पहनना या बिना किसी खास वजह के मोमबत्ती जलाना सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन ये छोटे काम भारी मन को हल्का करने की ताकत रखते हैं।

    व्हिम्सिकल होने का मतलब यह नहीं है कि आपकी जिम्मेदारियां या जीवन के दुख खत्म हो जाएंगे। जिंदगी के गम और परेशानियां अपनी जगह बने रहेंगे, लेकिन ये हल्के पल आपको दिन भर के डर और अकेलेपन के बोझ से बाहर निकालने में मदद करते हैं। यह आपको अपने अंदर के बच्चे से जोड़ने में मदद करता है।

    खबरें और भी

    कैसे बनाएं खुशियों के पल?

    खुशी अक्सर इंतजार करने से नहीं, बल्कि उसे बनाने से आती है, जैसे- 

    • पुरानी हॉबीज अपनाएं- जिसे आप सालों पहले पीछे छोड़ आए थे, जैसे पेंटिंग करना, कढ़ाई-बुनाई या अपना पसंदीदा पुराना गाना सुनना।
    • हाथ से लिखें खत- आज के डिजिटल युग में अपने दोस्तों को हाथ से लिखी चिट्ठियां भेजें। इसमें कोई बड़ा उपदेश देने की जरूरत नहीं, बस दिल की छोटी बातें शेयर करें।
    • दबाव से मुक्ति- सोशल मीडिया पर परफेक्ट दिखने के दबाव को छोड़कर, अपनी पसंद का वह काम करें जो आपको संतोष दे।
    • दूसरों को खुशी दें- जब आप कुछ हटकर करते हैं या किसी और के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं, तो उससे मिलने वाला आनंद आपकी अपनी चिंता को कम कर देता है