Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    विभाजन का दर्द और '12 आने' की प्लेट! पढ़िए कैसे छोले भटूरे बन गए नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा इमोशन

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 02:00 PM (GMT+05:30)

    छोले भटूरे का लाहौर से दिल्ली का सफर, ऐसे इस पंजाबी डिश ने किया सबके दिलों पर राज। ...और पढ़ें

    छोले भटूरे की कहानी (Image Source: AI Generated)

    छोले भटूरे की कहानी (Image Source: AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको नहीं लगता कि नॉर्थ इंडिया का नेशनल स्ट्रीट फूड छोले भटूरे को घोषित कर देना चाहिए? हर छुट्टी वाले दिन हमें कुछ याद आए न आए लेकिन छोले भटूरे जरूर याद आ जाते हैं। मसालेदार और चटपटे छोले के साथ गरमा-गरम भटूरे और उसके साथ अचार का खट्टा और तीखापन, भूले नहीं भूलता। इतने चाव से इसे खाते हैं पर क्या इसके इतिहास के बारे में जानते हैं? कभी सोचा है कि छोले भटूरे आए कहां से और नॉर्थ इंडिया में फेमस कैसे हुए? आइए इस रोचक इतिहास पर बात करते हैं। 

    छोले भटूरे का इतिहास  

    हम सभी के बीच पॉपुलर छोले भटूरे के नॉर्थ इंडिया में आने के पीछे कई किस्से और कहानियां हैं। 

    लाहौर के पेशोरी लाल लांबा का किस्सा 

    एक कहानी आजादी से जुड़ी हुई है। जब देश विभाजन के दुख भरे पलों को जी रहा था, तभी एक शख्स ने पाकिस्तान के लाहौर से भारत में पलायन किया। वह शख्स बेहतर जीवन की आस में यहां आया था और अपने साथ लाया नई रेसिपी ‘छोले भटूरे’ की। इससे पहले कोई नहीं जानता था कि इस नाम की भी कोई डिश होती है। शख्स का नाम पेशोरी लाल लांबा था, जिनकी रेसिपी आज फेमस स्ट्रीट फूड बन चुकी है। पेशोरी लाल लांबा ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में क्वालिटी नामक एक रेस्तरां खोला, यहां सबसे पहले छोले के साथ सैंडविच और बाकी स्नैक्स परोसे जाते थे। इस तरह वो छोले के साथ भटूरे की रेसिपी भारत लेकर आए। 

    पंजाबी रसोइये सीताराम का किस्सा 

    दूसरा किस्सा पंजाबी रसोइये सीताराम से जुड़ा हुआ है, उस समय सीताराम को भरवां पकवान तैयार करने में एक्सपर्ट के तौर पर लोगों के बीच लोकप्रियता मिली हुई थी। कहते हैं कि सीता राम 1947 के विभाजन के दौरान अपने परिवार के साथ पश्चिम पंजाब से दिल्ली आकर बसे थे। फिर यहीं राजधानी में ही उन्होंने पहाड़गंज इलाके में 'सीता राम दीवान चंद' नाम से दुकान खोली। इस दुकान में उन्होंने अपने बेटे दीवान चंद के साथ मिलकर 12 आने में भटूरा नामक खमीरी रोटी छोले के साथ बेचनी शुरू कर दी। तब से ही नॉर्थ इंडिया में छोले भटूरे फेमस हो गए। 

    पंजाबी डिश है छोले भटूरे 

    छोले भटूरे की शुरुआत किसी ने भी की हो, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसकी शुरुआत पंजाब से ही हुई है और इसकी जड़ें विभाजन से जुड़ी हैं। वहीं, अब यह डिश नॉर्थ के साथ साउथ में भी पॉपुलर होती जा रही है, ठीक उसी तरह जैसे नॉर्थ में इडली डोसा लोग खाना पसंद करते हैं।  

    खबरें और भी