चिड़चिड़ापन, भूलने की आदत और बिना बात की थकान? साइकोलॉजिस्ट से समझें कब ब्रेक लेना है जरूरी
हमारा शरीर कुछ संकेतों की मदद से हमें बताता है कि अब ब्रेक लेना जरूरी है। ऐसा न करना मानसिक थकान का कारण बनता है। ...और पढ़ें

समय-समय पर ब्रेक लेना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हमें लगता है कि हम एक मशीन की तरह चलते रह सकते हैं, लेकिन हमारा दिमाग और शरीर अलग तरह से काम करते हैं। कई बार हम थकान को नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि हमें लगता है कि अभी बहुत काम बाकी है। लेकिन बर्नआउट अचानक नहीं होता। यह धीरे-धीरे उन संकेतों के रूप में आता है जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
आइए डॉ. अश्वथी आर.एस. नायर (कॉर्पोरेट मेंटल हेल्थ कंसल्टेंट एंड साइकोलॉजिस्ट) से ऐसे संकेतों के बारे में जानें, जो बताते हैं कि हमें ब्रेक लेने की सख्त जरूरत है।
जब दिमाग साथ देना छोड़ दे
- जब आपका दिमाग ज्यादा थक जाता है, तो इसका सबसे पहला असर आपकी सोचने की क्षमता पर पड़ता है। अगर आपको छोटे-छोटे फैसले लेने में भी भारी मानसिक दबाव महसूस हो रहा है, तो यह डिसीजन फटीग का संकेत है।
- वहीं अगर आपके लिए काम पर फोकस करना मुश्किल हो रहा है या एक ही पैराग्राफ को बार-बार पढ़ना यह दिखाता है कि आपका कॉग्निटिव लोड अपनी सीमा पार कर चुका है।
- साथ ही, छोटी-छोटी बातें भूलना इस बात का संकेत है कि आपका दिमाग जानकारियों को बहुत धीमी गति से प्रोसेस कर रहा है।
व्यवहार में बदलाव
- जब हम मानसिक रूप से थक जाते हैं, तो हमारी भावनाओं पर हमारा नियंत्रण कम होने लगता है। अगर आप बात-बात पर चिड़चिड़ा महसूस कर रहे हैं या बिना किसी कारण के आपको गुस्सा आ रहा है, तो यह मानसिक थकान का एक बड़ा लक्षण है।
- साथ ही, अपनी पसंदीदा हॉबीज या लोगों से दूरी बनाना भी मानसिक थकान का एक संकेत है।
- अगर आपको लग रहा है कि आपको किसी भी नई काम से खुशी नहीं मिल रही या आप बस दिन काट रहे हैं, तो आपका दिमाग खुद को बचाने के लिए भावनाओं को सुन्न कर रहा है।
शारीरिक संकेत
- दिमाग और शरीर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मानसिक तनाव अक्सर शारीरिक दर्द के रूप में बाहर आता है, जैसे बिना किसी कारण सिरदर्द होना, गर्दन या कंधों में खिंचाव महसूस करना।
- शारीरिक रूप से थके होने के बावजूद अगर नींद नहीं आ रही है या रात भर कुछ सोचते रहते हैं, तो यह भी बताता है कि आपको ब्रेक की जरूरत है।
- तनाव आपकी इम्युनिटी को कमजोर कर देता है, जिससे आपको सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं जल्दी होने लगती हैं।
ब्रेक लेना कमजोरी नहीं, जरूरत है
मनोवैज्ञानिक रूप से, आराम करना काम से बचना नहीं है, बल्कि यह एक रेगुलेटरी फंक्शन है। जिस तरह एक एथलीट को अपनी मांसपेशियों को रिकवर करने के लिए आराम की जरूरत होती है, उसी तरह हमारे न्यूरॉन्स को भी रिचार्ज होने की जरूरत होती है। इसलिए अगर आपको खुद में ऐसे कोई भी संकेत नजर आ रहे हैं, तो बेझिझक ब्रेक लीजिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह भी ले सकते हैं।