बारिश में सड़ने तो नहीं लगे आपके पसंदीदा पौधे? ऐसे रखें इन्हें एकदम सेफ और ग्रीन, अपनाएं ये गार्डनिंग टिप्स
मॉनसून में पौधों को खास केयर की जरूरत होती है, वरना वो जल्दी खराब होने लगते हैं। ...और पढ़ें

बारिश में पौधों को खराब होने से बचाने के टिप्स (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश का मौसम हमारी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि पौधों की सेहत के लिए भी संवेदनशील होता है, क्योंकि इस मौसम में इन्हें भी खास देखभाल की जरूरत होती है। बारिश का पानी पौधों को तेजी से बढ़ने में तो मदद करता है लेकिन गमलों में लगातार भर रहा पानी और धूप की कमी इन्हें खराब भी उतनी ही जल्दी करता है। अब आप सोच रहे होंगे कि फिर पौधों को मॉनसून में खराब होने से कैसे बचाया जाए? तो इसके लिए यहां बताए टिप्स काम में लाए जा सकते हैं:
सही गमले चुनें और पुराने गमले को साफ करें
गमला ऐसा चुनें जिसमें पानी सही से बाहर निकल पाए। इसके अलावा, पुराने गमले का ड्रेनेज होल भी चेक करें, अगर वो बंद है तो उसे अच्छे से साफ करें। गमले की जितनी अच्छी जल निकासी होगी, वह उतने अच्छे से बढ़ेगा।
कम पानी दें
कुछ पौधों की प्रकृति ऐसी होती है कि उन्हें ज्यादा पानी नहीं चाहिए होता और न ही ज्यादा धूप, इनमें एलोवेरा, स्नेक प्लांट, जेड प्लांट और ZZ प्लांट शामिल है। जब बारिश का मौसम आता है तो इन्हें जरूरत से ज्यादा पानी मिलने लगता है, जिसकी वजह से मिट्टी गीली बनी रहती है और पौधे सड़ने लगते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि पौधे को पानी देने से पहले मिट्टी की नमी का पता लगाया जाए। अगर उसमें नमी अभी भी बरकरार है तो पानी नहीं दिया जाना चाहिए।
सड़े-गले और बेकार के पत्ते हटा लें
कई बार पौधों के आसपास खरपतवार, जंगली घास और सड़े-गले पत्ते ज्यादा हो जाते हैं। जहां एक तरफ खरपतवार और घास मिट्टी के पोषक तत्व सोख लेती है तो वहीं सड़े-गले पत्ते बाकी जगह भी फंगस फैलाते हैं। इन्हें समय-समय पर हटाते रहना चाहिए, खासकर मॉनसून के सीजन में ऐसा करना फायदेमंद है।
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मिट्टी बदलें
बारिश के मौसम में मिट्टी बदलना भी जरूरी हो जाता है, अगर पौधे की सेहत ठीक नहीं। मिट्टी ज्यादा सख्त लगने पर उसमें नई मिट्टी और जैविक खाद डालनी चाहिए।
खाद कम डालें
कई लोगों को लगता है कि बारिश में पौधों को खूब पानी मिल रहा है तो उसमें खाद डालने से वो तेजी से बढ़ेंगे। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह तरीका पौधों को खराब कर देता है। गीली मिट्टी में और खाद डालने से बचना चाहिए।