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    रानी-महारानियां भी थीं इसकी दीवानी! पढ़ें पाकिस्तान के इस शहर से कैसे भारत आई 'मुल्तानी मिट्टी'

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 05:00 PM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि स्किनकेयर में शामिल मुल्तानी मिट्टी के पीछे की कहानी क्या है? दरअसल, पाकिस्तान से इसका खास कनेक्शन है। ...और पढ़ें

    मुल्तानी मिट्टी का रोचक इतिहास (Image Source: AI Generated)

    मुल्तानी मिट्टी का रोचक इतिहास (Image Source: AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज हम स्किन को केमिकल और बाहरी प्रदूषण से बचाने के लिए देसी नुस्खों का सहारा ले रहे हैं, इन्हीं नुस्खों में से एक है मुल्तानी मिट्टी। वैसे तो सदियों से यह महारानियों के स्किनकेयर का अहम हिस्सा रही है, लेकिन आज महंगे प्रॉडक्ट्स और केमिकल से बचने के लिए इसे बेहतरीन ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कभी आपने सोचा है कि इसका नाम मुल्तानी मिट्टी ही क्यों है? चलिए इसके रोचक इतिहास पर एक नजर डालते हैं। 

    मुल्तानी मिट्टी नाम कैसे रखा गया? 

    मुल्तानी मिट्टी का यह नाम मुल्तान शहर से पड़ा है, जो पाकिस्तान में है। इतिहास खंगाले तो हम पाते हैं कि मिट्टी के रूप में इस खास मिनरल्स वाली मिट्टी का सबसे पहले खनन मुल्तान शहर से ही शुरू हुआ था। यहां से मिट्टी निकालकर उसका व्यापार दुनियाभर में किया जाता था। आज मुल्तान शहर पाकिस्तान में चला गया है लेकिन इसका व्यापार राजस्थान में बड़े स्तर पर किया जाता है। 

    राजस्थान से आती है मुल्तानी मिट्टी 

    राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर, नागौर, बाड़मेर और जैसलमर यानी ज्यादातर पश्चिमी क्षेत्रों में यह व्यापार किया जाता है और यहीं से मुल्तानी मिट्टी पूरे भारत में पहुंचती है। सबसे खास बात यह कि इन क्षेत्रों की शुष्क जलवायु ही खनिज से भरपूर मिट्टी बनाती है। इसके अलावा, गुजरात के कच्छ, मध्य प्रदेश के मुरैना और शिवपुरी और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से भी इस मिट्टी का व्यापार होता है।  

    मिट्टी में होते हैं अच्छी गुणवत्ता के खनिज 

    मुल्तानी मिट्टी में कैल्शियम, सिलिका, आयरन और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में मौजूद होते है। इसमें पाया जाने वाला काओलिन त्वचा को ठंडक का एहसास देता है। बताते चलें कि यह मिट्टी नेचुरली हाइड्रेटेड एल्युमिनियम सिलिकेट से बनी होती है। वहीं इसके बनने की प्रक्रिया ज्वालामुखी की राख और सड़े हुए पौधों का इस्तेमाल होता है। 

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    मुल्तानी मिट्टी असली है या नहीं कैसे पहचानें? 

    अगर आप स्किनकेयर में मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं और जानना चाहते हैं कि वह मिट्टी असली है या नहीं तो इसकी पहचान बड़ी ही आसानी से की जा सकती है। असली मुल्तानी मिट्टी का रंग हल्का भूरा, क्रीम, ग्रे, या हल्का सुनहरा होता है। इसे जैसे ही पानी में डाला जाता है यह तुरंत घुल जाती है। तीसरी पहचान उसकी खुशबु है क्योंकि असली मिट्टी में सेंट की नहीं नेचुरल मिट्टी की खुशबू होती है।