ड्रेस के टूटे बटन और 15 डॉलर के कर्ज से बनी थी दुनिया की पहली Safety Pin, आज है हर घर की जरूरत
क्या आप जानते हैं कि साड़ी संभालने वाली छोटी सी सेफ्टी पिन का आविष्कार कर्ज का बोझ उतारने के लिए हुआ था? अगर नहीं तो चलिए इस रोचक इतिहास को जानें। ...और पढ़ें

कर्ज चुकाने के लिए बनी थी सेफ्टी पिन (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज साड़ी ड्रेप करने से लेकर उधड़े हुए कपड़ों को एमर्जेंसी में इस्तेमाल करने तक, बहुत सी चीजों में सेफ्टी पिन उपयोग हो रही है। इसकी महिलाओं के पर्स में तो एक खास जगह है, पर क्या आप जानते हैं इस छोटी सी सेफ्टी पिन का आविष्कार कैसे हुआ? चलिए आपको विस्तार से इसकी कहानी बताते हैं।
कर्ज चुकाने के लिए बनी थी सेफ्टी पिन
आपको जानकार हैरानी होगी कि यह छोटी सी सेफ्टी पिन महज 15 डॉलर का कर्ज चुकाने के लिए बनी थी। इतिहास में यह कहानी दर्ज है कि न्यूयॉर्क के मार्टिंसबर्ग में जन्मे वॉल्टर हंट ने साल 1849 में वॉल्टर हंट ने अपने कर्ज का बोझ उतारने के लिए इसका आविष्कार किया था।
पत्नी की ड्रेस का बटन टूटने से हुआ आविष्कार
वॉल्टर हंट और उनकी पत्नी फंक्शन में जाने के लिए रेडी हो रहे थे। उस समय हंट तो इस उधेड़ बुन में थे कि पैसा कैसे वापिस दिया जाए तो वहीं उनकी पत्नी तैयार होने में लगी थीं। अचानक उनकी पत्नी की ड्रेस का बटन टूट गया। अब इतना समय नहीं था कि ड्रेस चेंज कर ली जाए और तभी हंट के दिमाग में एक आयडिया। उन्होंने पतली सी तार को घुमाकर सेफ्टी पिन तैयार कर दी। उन्होंने ड्रेस पर इस पिन को कुछ तरह से लगाया कि वह बटन की तरह काम कर रही थी। इस तरह जुगाड़ की इस तरकीब से सेफ्टी पिन का आविष्कार हुआ।
कैसी दिखती थी पहले सेफ्टी पिन?
जब इस पिन को पहली बार बनाया गया तो यह धातु के तार से बनी थी, जिसके एक सिरे पर लगी स्प्रिंग दूसरे सिरे को क्लैस्प से बांधने का काम करती थी। शुरू-शुरू में इसे ड्रेस पिन कहा जाने लगा था, पर बाद में रोजमर्रा में इसकी जरूरत को देखते हुए सेफ्टी नाम दे दिया गया।
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400 डॉलर में बेच दिया था अधिकार
सेफ्टी पिन का आविष्कार तो हो गया था, पर अब बारी इसके पेटेंट की थी। उस दौर में हंट आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे, ऐसे में उन्होंने इस पिन के आविष्कार के बाद पहले पेटेंट कराया और फिर अपने अधिकार को 400 डॉलर में बेच दिया था। यह भी बताते चलें कि वो वॉल्टर हंट ही थे जिन्होंने फाउंटेन पेन और सिलाई मशीन जैसे आविष्कार किए थे।