बदल गया इंडियन वेडिंग का अंदाज! शादी के कार्ड से लेकर गेस्ट एंट्री तक, सब कुछ हुआ स्मार्ट और स्टाइलिश
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय शादियों का स्वरूप तेजी से बदला है। चाहे शादी का कार्ड हो, फोटोग्राफी हो या फैशन हरेक चीज में मिलती है बदलाव की झलक। आजकल श ...और पढ़ें

डिजिटल निमंत्रण से लेकर स्टाइलिश फैशन तक भारतीय शादी में सब कुछ बदला (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्यों वत्सला, अब तक शादी का कार्ड नहीं मिला तुम्हारा, जबकि शादी के चंद दिन ही बचे हैं? अरे मामी, मैंने तो लिंक तो भेजा था अपनी वेबसाइट का। देखो जरा, आपका भी नाम है उसमें। अपनी भांजी की बात सुनकर रश्मि को ज्यादा कुछ समझ नहीं आया, पर जैसे ही उन्होंने वेबसाइट का लिंक खोला, भांजी की शादी की तारीख, वेन्यू, टाइमटेबल, कौन से मेहमान आ रहे हैं, ड्रेस कोड आदि से लेकर गूगल मैप भी मिला।
यह देखकर उनकी मुस्कान बता रही थी कि अब नहीं रहा वह सजा-संवरा, सुंदर लिखाई युक्त कार्ड वाला जमाना। अब यह एक पारंपरिक चयन भर रह गया है। वैसे, वेडिंग वेबसाइट की खास बात यह है कि यह कपल की लव स्टोरी भी बताती है। दोनों कैसे मिले, कब दोस्ती हुई, उनका प्यार कैसे बढ़ता गया आदि। ये सब फोटो और वीडियो के साथ शेयर किया जाता है और बन जाता है वेडिंग प्लान की यात्रा का सबसे रोमांचक हिस्सा।
बस मिल जाए इंस्टेंट आनंद
वेडिंग फोटोग्राफर सार्थक निगम कहते हैं, इन दिनों शादी के वेन्यू पर एक मेमोरी बूथ तैयार करना लोकप्रिय ट्रेंड है। इसमें शादी के वेन्यू पर एक जगह बनाकर दुल्हन-दूल्हे की तस्वीरें और उनसे जुड़ी कहानियां, वीडियोज साझा किए जाते हैं। मेहमान यहां आकर तस्वीरें खिंचवाते हैं। कपल के लिए आडियो या वीडियो मैसेज रिकार्ड किया जाता है। शादी के बाद कपल के लिए शादी के दिन की ये सबसे खूबसूरत यादें होती हैं। सार्थक के अनुसार, इंस्टेंट एडिटिंग टूल के साथ मेहमानों को तुरंत शादी की रस्मों से जुड़े फोटो प्रिंट देने का ट्रेंड भी लोकप्रिय हो रहा है।
इसके लिए वेन्यू फोटो एडिटर्स बिठाए जाते हैं, जो अपने कौशल व अनुभव से मेहमानों के लिए तस्वीरें तैयार कर देते हैं। अब तो एआइ की मदद से पूरा सिनेमाई व नाटकीय दिखने का प्रयास होता है। मेहमानों के टेबल पर पोलोराइड कैमरे व स्क्रैप बुक रखे जाते हैं। कैमरे की मदद से मेहमान तुरंत फोटो खींचकर शादी की स्क्रैपबुक में प्यारे से संदेश के साथ चिपका देते हैं। इससे शादी की कभी न भूलने वाली यादें संजोने में मदद मिलती है। यह सब भले खर्चीला हो, लेकिन ऐसे इंस्टेंट फील के लिए पैसों को प्राथमिकता नहीं दी जाती।
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यूं बनता है यादों का पिटारा
एक नया और स्मार्ट ट्रेंड सामने आया है डिजिटल वेडिंग रजिस्ट्री का। इसमें कपल अपनी जरूरतों और पसंद की एक लिस्ट आनलाइन तैयार करते हैं। यह लिस्ट मेहमानों के साथ साझा की जाती है और वे वहीं से गिफ्ट चुनकर आर्डर कर सकते हैं। इसी तरह, शादी के वेन्यू पर अलग अलग जगहों पर क्यूआर कोड लगाने का भी चलन है। मेहमान जैसे ही इस कोड को अपने फोन से स्कैन करते हैं, उन्हें एक लिंक मिलता है जहां वे अपनी क्लिक की गई तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं।
सारी फोटो एक ही डिजिटल एलबम में इकट्ठा हो जाती हैं, जिसे कपल और गेस्ट दोनों ही आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। हां, इंटरनेट मीडिया पर तुरंत छा जाने का जुनून निरंतर बढ़ रहा है। यह जोड़े ही नहीं परिवार व वहां मौजूद
मेहमानों का सबसे खास पहलू होता है जो वे किसी कीमत पर मिस नहीं करना चाहते।
राजसी ठाठ न होगा पुराना
फैशन डिजाइनर अंजू मोदी बताती हैं कि आज ही नहीं, कल भी और आगे भी भव्यता भारतीय शादी की पहचान रहेगी। नई पीढ़ी चटख रंगों के बजाय हल्के रंग पसंद करती है, जैसे ब्लश पिंक, बेबी पिंक, बेज कलर, रोज गोल्ड की बहार है, पर सात फेरों के समय वे पारंपरिक रंगों यानी लाल को महत्व देते हैं। आजकल पर्पल, मैजेंटा, आरेंज के साथ रेड को मिलाकर परिधान तैयार किए जा रहे हैं।
शादी के समय वर-वधू के परिवार भी समान रूप से रॉयल दिखना पसंद करते हैँ। चाहे बुजुर्ग ही क्यों न हों, वे भी चटख रंगों का चयन कर रहे हैं। दूल्हे भी कपड़ों में ज्यादा मैचिंग यानी ब्राइड ने जो पहना है, उसी के आसपास अपने परिधान रखना पसंद करते हैं। वहीं फैब्रिक में आरगैंजा, सिल्क, ब्रोकेड व बांधनी ऐसा है जो सदाबहार बना हुआ है। कह सकते हैं परंपरा को आधुनिकता के साथ मिलाकर काफी प्रयोग किया जा रहा है।
स्टाइल और कंफर्ट का साथ
फैशन डिजाइनर इशिता गुप्ता के मुताबिक अब शादी के कपड़े केवल एक दिन के लिए तैयार होने वाले परिधान नहीं रह गए, बल्कि उन्हें इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे स्टाइलिश होने के साथ आरामदायक और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकें। दूल्हा-दुल्हन अपने परिधानों में अपनी लव स्टोरी, शुरुआती अक्षर, खास तारीखें या सांस्कृतिक प्रतीकों को कस्टमाइज करवाना पसंद कर रहे हैं। दूल्हों के परिधानों में केवल पारंपरिक शेरवानी नहीं, बल्कि इंडो वेस्टर्न कट्स, एक्सपेरिमेंटल रंग और ज्वेलरी आदि का इस्तेमाल बढ़ा है। पर्ल नेकलेस, लेयर्ड चेन, जेमस्टोन ब्रोच, स्टेटमेंट रिंग्स और कस्टमाइज्ड एक्सेसरीज को दूल्हे वेडिंग लुक का हिस्सा बना रहे हैं।
बदल रहा दुल्हन का पहनावा
- गुलाबी को हरे के साथ, चमकीले पीले को बैंगनी के साथ मिलाकर इसे और रायल बनाया जा रहा है।
- इन दिनों चांदी, सोना, कांस्य जैसे मैटेलिक रंग शादी के परिधानों में ग्लैमर का तड़का लगा रहे हैं।
- सीकुइंस वाले लहंगा-चोली भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।
- बार्बी गुड़िया का सिग्नेचर गुलाबी रंग शादियों के फैशन ट्रेंड को प्रभावित कर रहा है। ब्लश से लेकर बबल गम और फ्यूशिया तक, खूबसूरत गुलाबी रंग हर जगह नजर आ रहे हैं।
महिला मेहमान रखें ध्यान
- भारी-भरकम चंकी चोकर्स से अब मुक्ति पा लें। लेयर्ड चेन के साथ एक सुंदर पेंडेंट भी पहना जा सकता है।
- हेवी नहीं, अब लेस टू मोर वाला ट्रेंड है। इसलिए एक बड़ा चोकर कैरी करती हैं तो झुमके नहीं और झुमके कैरी किए हैं तो नेकपीस या तो कुछ लाइट वेट लिया जाता है या फिर स्किप कर सकती हैं।
- कुंदन के हेवी स्टड, पर्ल सेट, फ्लोरल ज्वेलरी काफी पसंद किए जाते हैं यानी ऐसी ज्वेलरी चुनें जिसमें एक स्टेटमेंट पीस हो और सारा फोकस उसी पर जाए।
- आपको साड़ी पहनना भारी लगता हो तो प्रीडेप्ड या रेडी टू वियर है न आपके लिए। यह रिसेप्शन, काकटेल पार्टी के लिए अच्छा चयन है।
- देसी फ्यूजन लुक भी क्रिएट कर सकती हैं। केप स्टाइल ब्लाउज, सूट की जगह कोआर्ड सेट, लहंगा की जगह क्राप टाप और लांग स्कर्ट और साड़ी की जगह प्लीटेड काउल स्कर्ट और टाप, हेवी फ्लेयर्ड शरारा के साथ टाप और लांग जैकेट से लेकर साड़ी गाउन तक विकल्पों की कमी नहीं है।
- आउटफिट के लाइट कलर की तरह मेकअप में मोनोक्रोमेटिक से लेकर नेचुरल ब्लश तक, लाइट मेकअप लोकप्रिय हो रहे हैं ताकि लुक ज्यादा फ्लालेस और यूथफुल दिख सके।