बरसात में क्यों सड़ने लगती हैं पौधों की जड़ें? गार्डन को हरा-भरा रखने के लिए 5 बातों का रखें ध्यान
मानसून का मौसम हम इंसानों को जितना पसंद है, पौधों को भी यह उतना ही अच्छा लगता है। ...और पढ़ें

मानसून में पौधे की जड़ों को गलने से बचाने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश का मौसम हम सभी को पसंद होता है। चिलचिलाती गर्मी के बाद जब आसमान से पानी की बूंदें गिरती हैं, तो पेड़-पौधे भी खुशी से झूम उठते हैं।
हालांकि, यही वह मौसम है जब आपके गार्डन को सबसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। अक्सर आपने देखा होगा कि बरसात में पौधे अचानक मुरझाने लगते हैं या उनकी जड़ें सड़ जाती हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है और बारिश के मौसम में अपने गार्डन को हरा-भरा कैसे रखा जाए? आइए इस आर्टिकल में समझते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
बरसात में क्यों सड़ जाती हैं जड़ें?
पौधों की जड़ों को बढ़ने और स्वस्थ रहने के लिए पानी के साथ-साथ ऑक्सीजन की भी जरूरत होती है। जब लगातार बारिश होती है और गमले या जमीन में पानी जमा होने लगता है, तो मिट्टी में हवा जाने की जगह पूरी तरह बंद हो जाती है।
ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से जड़ों का दम घुटने लगता है। इसके अलावा, लगातार नमी बने रहने से मिट्टी में हानिकारक फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। यही फंगस जड़ों पर हमला करते हैं और उन्हें सड़ा देते हैं, जिससे हरा-भरा पौधा कुछ ही दिनों में सूख कर मर जाता है।
गार्डन को हरा-भरा रखने के 5 आसान तरीके
बारिश के मौसम में अगर आप अपने पौधों को बचाना चाहते हैं, तो बस इन 5 छोटी लेकिन बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखें:
गमले का ड्रेनेज चेक करें
सबसे पहले अपने सभी गमलों के ड्रेनेज होल को चेक करें। कई बार मिट्टी या पुरानी जड़ों की वजह से ये छेद बंद हो जाते हैं। अगर छेद बंद हैं, तो बारिश का पानी गमले में ही भरा रहेगा। किसी लकड़ी या पेचकस की मदद से इन छेदों को खोल दें ताकि एक्स्ट्रा पानी तुरंत बाहर निकल जाए।
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हल्की और भुरभुरी मिट्टी का इस्तेमाल करें
चिकनी मिट्टी पानी को बहुत देर तक पकड़ कर रखती है। बरसात से पहले ही अपने पौधों की मिट्टी में थोड़ी कोकोपीट, रेत और सूखी खाद मिला लें। इससे मिट्टी भुरभुरी हो जाएगी और पानी ज्यादा देर तक जड़ों के पास नहीं रुकेगा।
पानी तभी दें जब जरूरत हो
बारिश के मौसम में हवा में पहले से ही बहुत नमी होती है। इसलिए, पौधों में रोजाना पानी डालने की आदत छोड़ दें। पानी डालने से पहले हमेशा अपनी उंगली को मिट्टी में 1-2 इंच अंदर डालकर चेक करें। अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें, वरना छोड़ दें।
फंगस से बचाव करें
नमी की वजह से पत्तों और जड़ों में फंगस लगने का डर सबसे ज्यादा होता है। इससे बचने के लिए हर 10-15 दिन में एक बार पौधों पर नीम के तेल का स्प्रे करें। आप चाहें तो मिट्टी में थोड़ी सी हल्दी या नीम की खली भी मिला सकते हैं। यह पौधों के लिए एक नैचुरल एंटीसेप्टिक का काम करता है।
हवा और धूप का रास्ता साफ रखें
पौधों को बहुत ज्यादा सटाकर न रखें। उनके बीच थोड़ी जगह छोड़ें ताकि हवा आसानी से आर-पार हो सके। अगर लगातार बारिश हो रही है, तो कोशिश करें कि छोटे और नाजुक पौधों को शेड के नीचे रख दें। जब भी धूप निकले, तो पौधों को अच्छी धूप लगने दें।