क्या आप जानते हैं पुराने घरों की खिड़कियां ऊंची क्यों होती थीं? वजह जानकर आप भी कहेंगे- बात तो सही है!
पुराने जमाने के घरों में काफी ऊंची खिड़कियां बनाई जाती थीं। उस समय की जिंदगी से जुड़े कुछ कारणों से ऐसी खिड़कियां बनाई जाती थीं। ...और पढ़ें

क्यों होती थी पुराने घरों में ऊंची खिड़कियां? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पुराने घरों में खिड़कियां आज की खिड़कियों से काफी अलग हुआ करती थीं। उन घरों की छतें काफी ऊंची हुआ करती थीं और खिड़कियों को भी काफी ऊंचा बनाया जाता था। ऐसे में सवाल आता है कि आखिर खिड़कियों को जानबूझकर ऊंचा बनाने की क्या जरूरत थी?
इस सवाल का जवाब काफी दिलचस्प है और इसके पीछे उस समय से जुड़े कुछ व्यवहारिक कारण छिपे हैं। आइए जानें क्यों पुराने घरों में खिड़कियां ऊंची बनाई जाती थीं।
कमरे को ठंडा रखना
साइंस का नियम है कि गर्म हवा हल्की होकर ऊपर की उठती है और ठंडी हवा जमीन के पास रहती है। पुराने जमाने में लोगों के घर में एसी और कूलर तो होते नहीं थे। ऐसे में अगर खिड़कियां नीची होती, तो गर्म हवा ऊपर फंसी रहती और घर का तापमान बढ़ाती। इसलिए खिड़कियों को ऊंचा बनाया जाता था, ताकि गर्म हवा बाहर निकल जाए और घर में ठंडी हवा आए। इससे गर्मी के दिनों में भी कमरा ठंडा रहता था।
ताजी हवा का फ्लो
ऊंची खिड़कियां होने से कमरे की गर्म हवा बाहर निकल जाती थी और प्रेशर कम होते ही, घर के दरवाजे से हवा कमरे के अंदर आने लगती थी। इससे कमरे में ताजी हवा का फ्लो बना रहता था और घर के अंदर घुटन महसूस नहीं होती थी।
रोशनी आती थी
उस जमाने में 24 घंटे बिजली की सुविधा नहीं होती थी और दिनभर रोशनी के लिए दीया या लालटेन जलाना काफी महंगा पड़ता था। इसलिए कमरे में नेचुरल लाइट के लिए घरों में ऊंची और लंबी खिड़कियां बनाई जाती थी। इससे कमरे के अंदर सूरज की रोशनी सिर्फ फर्श पर नहीं पड़ती थी, बल्कि पूरे कमरे में फैल जाती थी और घर में उजाला रहता था।
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सुरक्षा और प्राइवेसी
पुराने जमाने में चोरी-डकैती के मामले आम हुआ करते थे। ऐसे में कोई खिड़की के रास्ते घर में न घुस जाए, इसलिए खिड़कियां ऊंची बनाई जाती थी। साथ ही, ऊंची खिड़कियां घर की प्राइवेसी बनाए रखने में भी मदद करती थी। ऊंची खिड़कियों के कारण बाहर का कोई व्यक्ति घर के अंदर झांक नहीं पाता था।
छतों की सीलन से बचाव
पुराने जमाने के घर आज की तरह सीमेंट से नहीं बने होते थे, बल्कि मिट्टी और पत्थरों से बनाए जाते थे। ऐसे में ऊंची खिड़कियां होने से हवा का फ्लो लगातार बना रहता था और छतों और दीवारों पर नमी जमा नहीं होती थी। इससे सीलन की समस्या से बचाव होता था।