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    पुराने घरों और हवेलियों में छतें इतनी ऊंची क्यों बनाई जाती थीं? सिर्फ डिजाइन नहीं, कुछ और भी थी वजह

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 11:59 AM (IST)

    पुराने समय में आज की तरह नीची छतें नहीं बनाई जाती थीं। उस समय की छतें काफी ऊंती हुआ करती थीं। ...और पढ़ें

    पुराने जमाने के घरों की छतें ऊंची बनाने के क्या कारण थे? (AI Generated Image)

    पुराने जमाने के घरों की छतें ऊंची बनाने के क्या कारण थे? (AI Generated Image)

    HighLights

    1. गर्मी से राहत और घर को ठंडा रखने में मदद

    2. प्राकृतिक रोशनी और बेहतर वेंटिलेशन का स्रोत

    3. घर को भव्य और विशाल दिखाने का प्रतीक

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल के घरों में छते 8-9 फीट ऊंची बनाई जाती हैं, लेकिन अगर आप पुराने जमाने के घर देखेंगे, तो उनमें छतें काफी ऊंची बनाई जाती थीं। इतनी ऊंची की आप उसे छूने के लिए आपको सीढ़ी लगानी पड़े। 

    ऐसे में आपके मन में सवाल तो जरूर आ रहा होगा कि इतनी ऊंची छत बनाने की जरूरत क्या थी? छोटी छतों से जगह भी बचती और कंस्ट्रक्शन का पैसा भी, फिर भी ऊंची छत बनाने की क्या वजह रही होगी? आइए जानें कि पुराने समय के घरों की छतें इतनी ऊंची क्यों बनाई जाती थीं।  

    घर को ठंडा रखने के लिए 

    पुराने समय में आज की तरह एसी और कूलर नहीं हुआ करते थे और न ही चौबीस घंटे बिजली रहती थी। ऐसे में गर्मी के दिनों में घरों को ठंडा रखने के लिए घर की छतों को ऊंचा बनाया जाता था। गर्म हवा ऊपर की उठती है, और ठंडी हवा नीचे रहती है। इससे कमरे की गर्म हवा छत की ओर जाती थी और नीचे की हवा ठंडी रहती थी। छत के नीचे छोटे-छोटे रोशनदान बने होते थे, जिनसे ये गर्म हवा बाहर निकल जाती थी।  

    भरपूर प्राकृतिक रोशनी 

    पुराने समय में घरों में उजाले के लिए प्राकृतिक रोशनी या दिए पर निर्भर होना पड़ता था। ऊंची छतों के कारण दीवारों पर बड़े आकार की खिड़कियां बनाने के लिए जगह बचती थी, जिससे कमरे के अंदर काफी रोशनी आती थी और दिन के समय घर में अंधेरा नहीं होता था। 

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    High Ceiling of old houses (1)

    (AI Generated Image)

    बेहतर वेंटिलेशन और ताजी हवा

    बड़े कमरों और ऊंची छतों के कारण क्रॉस वेंटिलेशन काफी शानदार होता था। इससे घर के अंदर उमस, सीलन या सफोकेशन जैसी समस्याएं कम होती थीं और बाहर की ताजी हवा आसानी से कमरे में आती थी। 

    भव्यता का प्रतीक

    साइंस और मौसम के अलावा, ऊंची छतों के पीछे मनोवैज्ञानिक पहलू भी थे। ऊंची छतें और बड़े कमरे घर को काफी खुला और भव्य दिखाते थे। इसलिए किलों और हवेलियों में ऊंची छतें होती थीं। इससे महल की समपन्नता झलकती थी। इसके अलावा, ऊंची छतों पर बड़े और खूबसूरत झूमर लटकाए जा सकते थे, जो महलों और हवेलियों को आलिशान लुक देते थे। 

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