Gen-Z का क्वाइट रिवॉल्यूशन, आखिर क्यों Social Media से दूरी बना रहे हैं आज के युवा?
एक समय युवाओं, खासकर जेन-जी के लिए मनोरंजन और कनेक्शन का जरिया रहा, लेकिन अब वे उनसे दूर हो रहे हैं। इसे 'क्वाइट रिवॉल्यूशन' कहा जा रहा है। एक सर्वे क ...और पढ़ें

सोशल मीडिया पर कम समय बिता रही है जेन-जी (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एक समय था जब सोशल मीडिया युवाओं के लिए एंटरटेनमेंट, कनेक्शन और पहचान का सबसे बड़ा जरिया माना जाता था, खासकर जेन-जी के लिए। यह जेनरेशन इंटरनेट के साथ बड़ी हुई है। इसलिए इनकी पर्सनालिटी में इंटरनेट और सोशल मीडिया का काफी योगदान रहा है, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।
दुनिया भर के युवा, खासतौर पर जेन-जी, सोशल मीडिया से दूरी बना रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ आदतों का नहीं, बल्कि एक नए लाइफस्टाइल ट्रेंड का संकेत है, जिसे क्वाइट रिवॉल्यूशन कहा जा रहा है। आइए जानें आखिर क्यों जेन-जी सोशल मीडिया से दूरी बना रही है।
25% यूजर्स ने सोशल मीडिया ऐप डिलीट किया
इस ट्रेंड को लेकर डेलॉइट कंज्यूमर ट्रेंड्स सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के मुताबिक, ब्रिटेन में 25% यूजर्स ने पिछले एक साल में कम से कम एक सोशल मीडिया ऐप डिलीट किया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जेन-जी में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। करीब एक-तिहाई युवा सोशल मीडिया से दूरी बना चुके हैं। यह साफ संकेत है कि युवा अब डिजिटल दुनिया के हर ट्रेंड को बिना सवाल किए अपनाने के मूड में नहीं हैं।
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(AI Generated Image)
सोशल मीडिया पर कम समय बिता रहे हैं युवा
सोशल मीडिया पर समय बिताने की आदतों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ग्लोबल वेब इंडेक्स ने 50 से ज्यादा देशों के 2.5 लाख वयस्कों का विश्लेषण किया। इस रिपोर्ट में सामने आया कि सोशल मीडिया पर बिताया जाने वाला औसत समय 2022 के पीक के बाद करीब 10% घट गया है, यानी लोग अब पहले की तुलना में कम समय स्क्रीन पर बिता रहे हैं।
खबरें और भी
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के अंत तक 16 साल से ज्यादा उम्र के लोग औसतन 2 घंटे 20 मिनट हर दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिता रहे थे। यह आंकड़ा भले ही कम न लगे, लेकिन गिरावट सबसे ज्यादा टीनएजर्स और 20 साल की उम्र के यूजर्स में दर्ज की गई। यही वह उम्र है, जहां सोशल मीडिया का प्रभाव सबसे गहरा माना जाता है। इसके बावजूद युवाओं का पीछे हटना इस बदलाव को और अहम बना देता है।

(AI Generated Image)
क्यों आ रहा है बदलाव?
युवाओं की सोच भी अब बदल रही है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया अब सिर्फ एंटरटेनमेंट का जरिया नहीं रहा। हर तरफ ब्रांड्स, विज्ञापन और परफेक्ट लाइफ दिखाने की होड़ है, जो लगातार तुलना और दबाव पैदा करती है। जहां पहले सोशल मीडिया मजा और कनेक्शन महसूस करवाता था, वहीं अब कई युवाओं के लिए यह तनाव का कारण बनता जा रहा है।
डेलॉइट सर्वे में सोशल मीडिया ऐप डिलीट करने वालों में से करीब एक-चौथाई लोगों ने साफ तौर पर कहा कि सोशल मीडिया उनकी मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डाल रहा था। इसके अलावा, बहुत से युवाओं ने यह भी माना कि सोशल मीडिया उनका जरूरत से ज्यादा समय खा रहा था, जिससे वे दूसरी जरूरी चीजों पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे।