Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गरबा तो खूब देखा होगा, लेकिन क्या गुजराती के आदिवासी नृत्य तिमली के बारे में जानते हैं? बारिश से जुड़ा है नाता

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 01:11 PM (IST)

    गुजरात का तिमली नृत्य एक आदिवासी लोकनृत्य है, जिसका बारिश और प्रकृति से गहरा नाता है। ...और पढ़ें

    बारिश से है तिमली डांस का गहरा नाता (AI Generated Image)

    बारिश से है तिमली डांस का गहरा नाता (AI Generated Image)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात का लोकनृत्य सुनते ही दिमाग में सबसे पहले गरबा खेलते हुए लोगों की तस्वीर बनती है, लेकिन क्या आप यहां के तिमली डांस के बारे में जानते हैं? तिमली गुजरात की संस्कृति का अहम हिस्सा है, जिसका बारिश से गहरा नाता है। 

    दरअसल, ये दक्षिण गुजरात का एक जनजातिय नृत्य है, जो प्रकृति-प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। अपने मधुर संगीत, तालमेल और पांरपरिक गीतों की वजह से ये नृत्य गुजरात की संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुका है। आइए जानें गुजरात के तिमली नृत्य के बारे में। 

    प्रकृति से जुड़ा है इसका इतिहास

    तिमली डांस का इतिहास गुजरात के घने जंगलें और पहाड़ी इलाकों से जुड़ा है। इस डांस को आमतौर पर डांग, तापी, नवसारी, वलसाड और सूरत जैसे जिलों में रहने वाली डांगी, गामित, चौधरी और कोकना जैसी आदिवासी जनजातियां करती हैं। 

    इस डांस का बारिश से गहरा नाता है। पुराने समय में जब लोगों की जिंदगी खेती और जंगलों पर निर्भर हुआ करती थी, तब अच्छी बारिश की कामना करने और भरपूर फसल होने की खुशियां बांटने के लिए इस नृत्य की शुरुआत हुई। वक्त के साथ डांस आदिवासियों की संस्कृति का हिस्सा बन गया, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ता गया और आज भी अच्छी बारिश की कामना के लिए इस नृत्य को किया जाता है।  

    खबरें और भी

    हर मौके की बढ़ाता है शान

    तिमली नृत्य बारिश के साथ-साथ हर सामाजिक छोटे-बड़े उत्सवों का हिस्सा बन गया। शादी-ब्याह, फसल की कटाई, होली, दिवाली, मेले और सभी तरह के आदिवासी सांस्कृतिक अवसरों पर बड़े ही उत्साह के साथ किया जाता है। 

    भाईचारे का प्रतीक है ये नृत्य

    इस नृत्य की सबसे बड़ी खूबी इसका सामूहिक अंदाज है। इसमें पुरुष और महिलाएं एक साथ मिलकर एक बड़ा गोला या अर्धगोला बनाते हैं। सभी नर्तक बिल्कुल एक जैसी लय में अपने छोटे-छोटे कदमों को आगे-पीछे और दाएं-बाएं बढ़ाते हुए थिरकते हैं।

    डांस करते समय लोग एक-दूसरे के हाथों में हाथ डालते हैं या कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ते हैं, जो लोगों में एकता और आपसी सहयोग का संदेश देता है।

    गीतों में बसती है इस डांस की तान

    तिमली नृत्य में जितना महत्व डांस स्टेप्स का है, उतना ही इसके गीत-संगीत का भी है। इस दौरान गाए जाने वाले लोकगीतों में प्रकृति की खूबसूरती, प्रेम, खेती-किसानी, बदलते मौसम, सामाजिक जीवन और गहरी धार्मिक आस्था का वर्णन मिलता है।