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    लोगों के बीच होकर भी खुद को कटा हुआ महसूस करते हैं आप? साइकोलॉजिस्ट ने बताए अकेलेपन के 3 संकेत

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 12:30 PM (GMT+05:30)

    कई बार अकेलापन बाहर से दिखाई नहीं देता, लेकिन वह हमारे अंदर बहुत गहराई तक बसा होता है। ...और पढ़ें

    अपनों के बीच रहकर भी खुद को अकेला पाते हैं आप? (Image Source: AI-Generated)

    अपनों के बीच रहकर भी खुद को अकेला पाते हैं आप? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप बहुत सारे लोगों के बीच मौजूद हों, सबसे बातचीत भी कर रहे हों, लेकिन फिर भी अंदर से खुद को बिल्कुल अकेला महसूस करें?

    जी हां, अकेलापन सिर्फ अकेले रहने पर नहीं, बल्कि भीड़ में होने पर भी महसूस हो सकता है। जब यह एहसास हमारे भीतर गहराई तक बैठ जाता है, तो इसके कुछ खास लक्षण हमारे बरताव में दिखाई देने लगते हैं। आइए, साइकोलॉजिस्ट डॉ. ललिता सुगलानी से उन 3 संकेतों के बारे में जानते हैं, जो बताते हैं कि कोई व्यक्ति भीतर से गहरे अकेलेपन से गुजर रहा है।

    feeling lonely in a crowd

    (Image Source: Freepik) 

    अपनी बातें जरूरत से ज्यादा बताना

    गहरे अकेलेपन का पहला संकेत है- किसी के मिलते ही उसे अपनी सारी बातें बता देना। जब हमें कोई ऐसा व्यक्ति मिलता है जो हमारी बात सुनने के लिए वहां मौजूद होता है, तो हम अपनी भावनाएं और विचार जरूरत से ज्यादा शेयर करने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस वक्त हमें यह महसूस होता है कि कोई हमें सच में देख रहा है और हमारी परवाह कर रहा है।

     
     
     
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    खुद को सबसे अलग और कटा हुआ महसूस करना

    दूसरा संकेत यह है कि आप खुद को दुनिया से बिल्कुल अलग-थलग पाते हैं। आपको ऐसा लगने लगता है कि कोई भी आपको वास्तव में न तो समझता है और न ही आपकी बातें सुनता है। इस भावना के चलते, आप दूसरों से पूरी तरह से कटे हुए महसूस करते हैं और यह समझ नहीं पाते कि आप लोगों के बीच कहां फिट बैठते हैं।

    कहीं भी अपनापन महसूस न होना

    तीसरा और अंतिम संकेत है- कहीं भी अपनेपन का एहसास न होना। हो सकता है कि आपकी जिंदगी में लोगों के अलग-अलग समूह हों और आप रोजाना बहुत से लोगों के साथ उठते-बैठते या बातचीत करते हों, लेकिन इसके बावजूद आपको हमेशा यही लगता है कि आप असल में उन जगहों या समूहों का हिस्सा नहीं हैं और वहां से संबंध नहीं रखते।

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