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    क्या आपका बच्चा घुलने-मिलने से कतराता है? नए दोस्त बनाने में पेरेंट्स ऐसे कर सकते हैं उनकी मदद

    Updated: Fri, 13 Feb 2026 07:24 AM (IST)

    कुछ बच्चे शर्मीले स्वभाव, सामाजिक चिंता या सामाजिक कौशल की कमी के कारण दोस्त नहीं बना पाते, जबकि कुछ बदलावों के कारण अकेला महसूस करते हैं। माता-पिता घ ...और पढ़ें

    बच्चों को कैसे सिखाएं नए दोस्त बनाना? (Picture Courtesy: Freepik)

    बच्चों को कैसे सिखाएं नए दोस्त बनाना? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम अक्सर देखते हैं कि कुछ बच्चे खेल के मैदान में जाते ही सबके साथ घुल-मिल जाते हैं, जबकि कुछ बच्चे किनारे खड़े होकर दूसरों को खेलते हुए देखते रहते हैं। बचपन के यही अनुभव भविष्य में उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। 

    दोस्त बनाना बच्चों की सोशल लाइफ के लिए काफी जरूरी है, लेकिन अगर बच्चा अकेले रहना पसंद करता है या उसे दोस्त बनाने में हिचकिचाहट होती है, तो यह माता-पिता के लिए चिंता का विषय हो सकता है। आइए समझते हैं कि इसके पीछे के कारण क्या हैं और ऐसे में पेरेंट्स कैसे अपने बच्चे की मदद कर सकते हैं। 

    बच्चे को दोस्त बनाने में मुश्किल क्यों होती है?

    • शर्मीला स्वभाव- कुछ बच्चे स्वभाव से ही इंट्रोवर्ट होते हैं। उन्हें नए लोगों से बात शुरू करने में डर या घबराहट महसूस होती है।
    • सोशल एंग्जायटी- कई बार बच्चा इस बात से डरता है कि दूसरे बच्चे उसे पसंद करेंगे या नहीं, या कहीं उसका मजाक तो नहीं उड़ेगा।
    • सोशल स्किल की कमी- कुछ बच्चों को यह समझ नहीं आता कि बातचीत कैसे शुरू करें, अपनी बारी का इंतजार कैसे करें या दूसरों के साथ खिलौने कैसे शेयर करें।
    • बदलाव का असर- घर बदलना या नए स्कूल में जाना भी बच्चे को अकेला महसूस करा सकता है, क्योंकि पुराने दोस्त पीछे छूट जाते हैं।

    पेरेंट के रूप में आप कैसे मदद करें?

    • घर पर 'रोल-प्ले' करें- बच्चे अक्सर प्रैक्टिस से सीखते हैं। घर पर खेल-खेल में स्थिति बनाएं। आप कहें, मानो मैं एक नया बच्चा हूं, तुम मुझसे दोस्ती कैसे करोगे?, उन्हें सिखाएं कि हैलो कैसे बोलना है या किसी खेल में शामिल होने के लिए कैसे पूछना है।
    • छोटे प्ले-डेट्स का आयोजन करें- एक साथ बहुत सारे बच्चों के बीच जाने से बच्चा घबरा सकता है। इसकी शुरुआत घर पर किसी एक या दो बच्चों को बुलाकर करें। छोटे समूह में बच्चा ज्यादा सुरक्षित और कमफर्टेबल महसूस करता है।
    • उनकी हॉबीज को बढ़ावा दें- अगर आपके बच्चे को पेंटिंग, स्केटिंग या म्यूजिक पसंद है, तो उन्हें ऐसी क्लास में भेजें जहां उनकी पसंद के अन्य बच्चे हों। कॉमन इंटरेस्ट दोस्ती को आसान बना देती है।
    • उनकी भावनाओं को समझें- कभी भी बच्चे पर दोस्ती का दबाव न डालें। उन्हें यह न कहें कि तुम इतने शांत क्यों हो?, इसके बजाय उनसे बात करें कि उनको नए लोगों से बात करने क्यों डर लग रहा है। उनकी बात सुनें और उन्हें आश्वासन दिलाएं कि आप उनके साथ हैं।
    • अच्छे सोशल बिहेवियर का उदाहरण बनें- बच्चे आपको देखकर सीखते हैं। जब आप पड़ोसियों या अजनबियों से तमीज से और मुस्कुराहट के साथ बात करते हैं, तो बच्चा अनजाने में वही गुण सीखता है। ये गुण उनकी दोस्ती करने में मदद करते हैं।