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    स्कूल में दूसरों से नहीं घुल-मिल पा रहा आपका बच्चा? शर्मीलापन ही नहीं, ये 3 वजहें भी है जिम्मेदार

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 07:03 AM (IST)

    बच्चे का स्कूल में घुलना-मिलना न कर पाना सिर्फ शर्मीलापन नहीं होता है। ...और पढ़ें

    कुछ बच्चों के लिए सोशल होना क्यों होता है इतना मुश्किल? (Image Source: AI-Generated)

    कुछ बच्चों के लिए सोशल होना क्यों होता है इतना मुश्किल? (Image Source: AI-Generated) 

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपका बच्चा स्कूल जाने के नाम से कतराता है? या फिर पैरेंट-टीचर मीटिंग में अक्सर शिकायत मिलती है कि वह क्लास में अकेला बैठा रहता है और दूसरे बच्चों के साथ खेलता नहीं है? एक माता-पिता होने के नाते ऐसी बातें सुनना बहुत परेशान करने वाला हो सकता है।

    अक्सर हम इस स्थिति को बच्चे का 'शर्मीलापन' मानकर टाल देते हैं और सोचते हैं कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमेशा ऐसा नहीं होता? कई बार बच्चे के अकेलेपन के पीछे कुछ और भी कारण होते हैं जिन्हें समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं वो 3 मुख्य वजहें जो आपके बच्चे को दूसरों से घुलने-मिलने से रोक रही हो सकती हैं।

    Child social anxiety

    (Image Source: AI-Generated)

    स्कूल का शोरगुल और भीड़ से घबराहट

    घर का माहौल शांत होता है, लेकिन स्कूल बिल्कुल अलग है। क्लास में बहुत सारे बच्चे, एक साथ कई लोगों का बोलना और ग्राउंड में शोर-शराबा कुछ बच्चों के लिए बहुत ज्यादा हो सकता है। इसे 'सेंसरी ओवरलोड' कहते हैं। जिन बच्चों को शांति पसंद होती है, वे इस अचानक आए शोर से घबरा जाते हैं और खुद को दूसरों से अलग कर लेते हैं। वे शर्मीले नहीं हैं, बस उन्हें उस माहौल में तालमेल बिठाने में दिक्कत आ रही है।

    दोस्त बनाने का तरीका न पता होना

    जरा सोचिए, क्या आपको कभी अनजान लोगों के बीच जाकर बात शुरू करने में झिझक महसूस हुई है? बच्चों के साथ भी ऐसा ही होता है। कभी-कभी बच्चा दूसरों के साथ खेलना तो चाहता है, लेकिन उसे समझ नहीं आता कि शुरुआत कैसे करे। "क्या मैं भी तुम्हारे साथ खेल सकता हूं?" -यह छोटी सी बात कहना उनके लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। उन्हें डर लगता है कि कहीं दूसरे बच्चे उन्हें मना न कर दें। यह शर्मीलापन नहीं, बल्कि 'सोशल स्किल्स' की कमी है।

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    कोई बुरा अनुभव या मजाक उड़ने का डर

    अगर आपके बच्चे ने पहले कभी किसी से दोस्ती करने की कोशिश की हो और उसका मजाक उड़ाया गया हो, तो वह दोबारा किसी से बात करने में डरेगा। कई बार स्कूल में कुछ बच्चे चिढ़ाते हैं या डराते हैं। ऐसे में, एक छोटा बच्चा खुद को सुरक्षित रखने के लिए चुप रहना और अकेले रहना ही बेहतर समझता है। यह एक बहुत गंभीर वजह है जिस पर माता-पिता को तुरंत ध्यान देना चाहिए।

    माता-पिता क्या करें?

    अगर आपका बच्चा स्कूल में अकेला महसूस कर रहा है, तो उस पर 'सबसे बात किया करो' कहकर दबाव न डालें। इसके बजाय, स्कूल से लौटने के बाद उससे प्यार से बात करें। उससे पूछें कि उसके दिन का सबसे अच्छा और सबसे खराब हिस्सा कौन-सा था। उसकी परेशानी की असली वजह समझकर उसका साथ दें।

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