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    फिजूलखर्ची छोड़ बचत करना सीखेंगे बच्चे, पॉकेट मनी के जरिए उन्हें ऐसे सिखाएं पैसों की वैल्यू करना

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 03:00 PM (IST)

    छोटे बच्चों को अगर आपने पॉकेट मनी देना शुरू कर दिया है, तो अब जरूरी है कि उन्हें पैसों की अहमियत भी बताई जाए। ...और पढ़ें

    पॉकेट मनी से बच्चों को पैसे की समझ देने के खास टिप्स (Image Source: AI Generated)

    पॉकेट मनी से बच्चों को पैसे की समझ देने के खास टिप्स (Image Source: AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। छोटे बच्चों को अगर आपने पॉकेट मनी देना शुरू कर दिया है, तो अब जरूरी है कि उन्हें पैसों की अहमियत भी बताई जाए। यह सीख उनकी परवरिश का सबसे अहम हिस्सा है, जो जिंदगी भर उनके काम आएगा। इस उम्र में पैसों को संभालने, उन्हें जोड़ने और कमाने की जिम्मेदारी के बारे में बताने से बच्चों को छोटी उम्र से ही पैसों को लेकर मैच्योरिटी आएगी। 

    पॉकेट मनी से बच्चों को पैसे की समझ कैसे दें?

    ऐसे कई तरीके हैं जिनकी मदद से छोटे बच्चों को पॉकेट मनी के साथ ही पैसों से जुड़े कुछ अहम बातें सिखाई जा सकती हैं: 

    1. पॉकेट मनी को इनकम बताएं 

    छोटे बच्चों को पॉकेट मनी देते समय उन्हें बताएं कि यह उनकी कमाई है। इसके लिए घर के छोटे-मोटे टास्क या उनके स्कूल का होमवर्क पूरा करने पर उन्हें रिवार्ड के तौर पर पॉकेट मनी दी जा सकती है। 

    2. बजट की सीख दें 

    बच्चों को हर हफ्ते पैसे देने के बजाय महीने में एक बार दें और उन्हें बताएं कि उनकी जरूरतें के लिए इतने ही पैसे महीने भर में दिए जाएंगे। इससे बच्चों को समझ में आएगा कि इतने ही पैसों में उन्हें अपनी जरूरतों और शौक को पूरा करना है। 

    3. जल्दी खर्च पर सीख दें 

    जब बच्चा शुरुआत में ही सारे पैसे खर्च कर देता है और ज्यादा पैसों की जिद करता है, तो यह कंडीशन बच्चों को पैसे की वैल्यू के बारे में सिखा सकती है। इसके लिए जरूरी है कि बच्चों को दोबारा पॉकेट मनी न दी जाए। 

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    4. खर्च से पहले सेव करवाएं 

    बच्चों को पैसे बचाना सिखाना चाहते हैं तो उन्हें पॉकेट मनी देते समय एक हिस्सा सेव करने के लिए बोलें। फिर इसके पीछे का लॉजिक उन्हें समझाएं कि इस तरह उनके पास महीने के आखिर में बेकअप सेविंग्स होंगी। अगर बच्चे के पैसे खर्च हो जाएं तो वो इस पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर उतनी पॉकेट मनी में काम चल जाता है तो इन सेविंग्स के साथ अगले महीने के 10-20% पैसे जोड़ दें। 

    5. सारी डिमांड पूरी न करें

    उन्हें कोई भी महंगी चीज दिलाने के बजाय बताएं कि इसे वो खुद अपनी पॉकेट मनी से खरीद सकते हैं, अगर हर महीने कुछ न कुछ पैसे जोड़े जाएं। इससे बच्चों को सीख मिलेगी कि अपनी पसंद की चीज खरीदने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। 

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