प्यार के नाम पर कहीं आप भी तो नहीं झेल रहे टॉक्सिसिटी? कपल्स की वो 5 आदतें जिन्हें हेल्दी समझना है भूल
कहीं हम रिलेशनशिप से जुड़ी कुछ टॉक्सिक बातों को हेल्दी तो नहीं मान रहे? ...और पढ़ें

वो आदतें जो टॉक्सिक हैं पर उन्हें हेल्दी मान लिया जाता है (Image Source: Freepik)
HighLights
पार्टनर को ही सब कुछ मानना टॉक्सिक आदत है
ज्यादा लड़ाई को ज्यादा प्यार समझना गलत धारणा है
बातचीत के बजाय हिंट देना रिश्ते को कमजोर करता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली: अक्सर रिश्तों को संभालने के लिए थोड़ा एडजस्ट करने की सलाह दी जाती है, खासकर कि इंडियन सोसायटी में तो यह बात हर घर में आम है। पर यहां सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक एडजस्ट किया जाए, क्या इसकी भी कोइ सीमा है? और कहीं हम रिलेशनशिप से जुड़ी कुछ टॉक्सिक बातों को हेल्दी तो नहीं मान रहे? चलिए आपको बताते हैं उन आदतों को बारे में जो टॉक्सिक हैं लेकिन उन्हें हेल्दी मान लिया जाता है।
पार्टनर को ही सब कुछ मान लेना
किसी भी हेल्दी रिलेशनशिप में पार्टनर सब कुछ नहीं होता, अगर आप या आपका पार्टनर ऐसी कोई उम्मीद लगा बैठा है तो यह किसी भी तरह से अच्छा रिश्ता नहीं। इसकी सबसे बड़ी कमी यह है कि इसमें बैलेंस के बजाय किसी एक का पलड़ा भारी रहेगा।
ज्यादा लड़ाई यानी ज्यादा प्यार
क्या आपको नहीं लगता जरूरत से ज्यादा लड़ाई यानी टॉक्सिसिटी का बढ़ता जाना? जहां एक तरफ थोड़ी बहुत लड़ाई कपल के रिश्ते को हेल्दी रखने और नजदीकी बढ़ाने में मदद करती है तो वहीं दूसरी तरफ ज्यादा लड़ाई उसे जड़ बना देती है।
बातचीत करने के बजाय हिंट देना
कई कपल किसी झगड़े या लड़ाई के बाद सीधे तौर पर बातचीत करने के बजाय हिंट यानी संकेत देकर समझाने की कोशिश करते हैं। इस आस में कि सामने वाला उनके हिंट समझेगा, पर रिश्ते में खटास न आए इसके लिए बातचीत से बेहतर कोई विकल्प नहीं।
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पार्टनर पर इमोशन संभालने के लिए निर्भर रहना
इस बात में कोई शक नहीं कि पार्टनर का मतलब है जो हर अच्छे-बुरे समय में साथ दे लेकिन हर एक इमोशन के लिए उनपर निर्भर रहना एक टॉक्सिक आदत है। पार्टनर हर चीज फिक्स करने के लिए नहीं है, हर बार किसी परेशानी में सोल्यूशन के लिए उनपर निर्भर रहना हेल्दी रिलेशनशिप में नहीं आता।
ब्लेम गेम खेलना
गलती पर सारा ब्लेम पार्टनर पर लगा देना या झगड़े के समय ‘कभी नहीं’ या ‘हमेशा’ जैसे शब्द इस्तेमाल करना उसे और बढ़ा सकता है। अब उदाहरण के लिए अगर लड़ाई के समय आप पार्टनर को कहते हैं कि हमेशा तुम्हारी ही गलती होती है तो यह इल्जाम लगाने जैसा है। यह उस झगड़े के बीच किसी भी रास्ते की संभावना को खत्म कर देता है।