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    नए पार्टनर में भी वही पुरानी आदतें? कहीं आप भी 'Groundhogging' ट्रेंड के शिकार तो नहीं

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 10:52 AM (IST)

    कई बार लोग जाने-अनजाने में अपने एक्स जैसी पर्सनैलिटी के लोगों को ही डेट करते हैं, जिसे ग्राउंडहॉगिंग कहा जाता है। ...और पढ़ें

    क्या होती है ग्राउंडहॉगिंग? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्या होती है ग्राउंडहॉगिंग? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल आए दिन डेटिंग का कोई न कोई नया टर्म सुनने को मिल जाता है, जो रिश्तों की उलझनों को बयां करते हैं। इन्हीं में एक टर्म है ग्राउंडहॉगिंग। 

    यह एक टॉक्सिक डेटिंग टर्म है, जिसके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। आइए जानें इसका मतलब क्या है और क्यों इसे टॉक्सिक माना जाता है। 

    क्या है ग्राउंडहॉगिंग?

    ग्राउंडहॉगिंग शब्द का सीधा मतलब एक ही तरह के व्यवहार को बार-बार दोहराने से है। डेटिंग के संदर्भ में यह एक ऐसा टॉक्सिक पैटर्न है जिसमें व्यक्ति बार-बार एक ही तरह की पर्सनैलिटी वाले लोगों को चुनता है। सीधे शब्दों में कहें तो, अगर कोई व्यक्ति हर बार एक ही तरह की आदतों, लुक या व्यवहार वाले पार्टनर की तलाश करता है और फिर वही पुराने रेड फ्लैग्स या परेशानियां सामने आती हैं, तो इसे ग्राउंडहॉगिंग कहा जाता है। 

    Ground Hogging (2)

    (AI Generated Image)

    आप पार्टनर तो बदलते हैं, लेकिन उनके गुण और उनसे जुड़ी समस्याएं बिल्कुल वैसी ही रहती हैं जैसी आपके पिछले रिलेशनशिप में थीं। इसलिए आपको एक ही जैसी परेशानियों का सामना हर रिलेशनशिप में करना पड़ता है। 

    हम बार-बार एक ही गलती क्यों दोहराते हैं?

    ग्राउंडहॉगिंग का सबसे बड़ा कारण है परिचित होने के एहसास यानी हम जाने-अनजाने में उन चीजों या व्यवहारों की ओर आकर्षित होते हैं, जिन्हें हम पहले से जानते हैं। भले ही वह व्यवहार हमारे लिए अच्छा न हो, लेकिन वह हमें जाना-पहचाना लगता है। इसलिए हम उसमें सुरक्षित महसूस करते हैं। हम अक्सर यह सोचकर वैसे ही इंसान को दोबारा डेट करते हैं कि इस बार शायद नतीजा अलग होगा, लेकिन असल में हम उसी पुराने साइकिल में फंस जाते हैं।

    Ground Hogging

    (AI Generated Image)

    यह क्यों टॉक्सिक है?

    • सेल्फ-ग्रोथ का रुक जाना- जब आप एक ही तरह के गलत लोगों को चुनते हैं, तो आप कभी भी नए और पॉजिटिव अनुभवों के लिए तैयार नहीं हो पाते। आपकी पर्सनैलिटी में कोई अच्छा बदलाव नहीं होता।
    • मेंटल हेल्थ पर बुरा असर- बार-बार दिल टूटने और एक ही तरह के धोखे मिलने से आत्मविश्वास कम होने लगता है। व्यक्ति को लगने लगता है कि शायद मेरी किस्मत ही खराब है या अच्छे लोग दुनिया में हैं ही नहीं।
    • समय की बर्बादी- आप अपना कीमती समय और एनर्जी उन लोगों पर खर्च करते हैं जिनके साथ भविष्य की कोई गुंजाइश नहीं होती।
    • सच्चे प्यार का मौका खत्म होना- अपने टाइप के चक्कर में आप उन बेहतरीन लोगों को नजरअंदाज कर देते हैं जो शायद आपके लिए एकदम सही हो सकते थे, लेकिन वे आपके पुराने क्राइटेरिया में फिट नहीं बैठते।

    इस साइकिल को कैसे तोड़ें?

    ग्राउंडहॉगिंग से बाहर निकलने का सबसे अच्छा तरीका है खुद से सवाल करना। अगली बार किसी को डेट करने से पहले खुद से पूछें कि आप उस व्यक्ति की ओर क्यों आकर्षित हो रहे हैं? क्या यह आकर्षण उसकी अच्छाइयों की वजह से है या सिर्फ इसलिए क्योंकि वह आपके पुराने पार्टनर जैसा दिखता या व्यवहार करता है? अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और ऐसे लोगों को मौका दें जो आपके टाइप से अलग हों। 

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