विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्या सिर्फ लोअर बर्थ वाला ही रख सकता है सीट के नीचे सामान? मिडिल-अपर वाले जरूर जान लें रेलवे का ये नियम

Published: Tue, 15 Sep 2026 12:41 PM (IST)

अक्सर स्लीपर या एसी कोच में लोअर बर्थ वाले यात्री सीट के नीचे की जगह पर अपना हक जताते हैं, जिससे मिडिल और अपर बर्थ वालों को परेशानी होती है।

क्या ट्रेन में सामान रखने को लेकर आपका भी होता है झगड़ा? (Image Source: AI-Generated)

क्या ट्रेन में सामान रखने को लेकर आपका भी होता है झगड़ा? (Image Source: AI-Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या ट्रेन से सफर करते समय आपकी भी कभी किसी यात्री से सामान रखने को लेकर नोकझोंक हुई है? अक्सर देखने में आता है कि जिस यात्री के पास सबसे नीचे वाली सीट होती है, वह उस पूरी जगह को अपनी प्रॉपर्टी मान लेता है।

अगर आप भी मिडिल या अपर बर्थ पर सफर करते हुए कभी इस परेशानी से गुजरे हैं, तो अब आपको चुप रहने की जरूरत नहीं है। आइए, इस आर्टिकल में रेलवे के कुछ खास नियमों के बारे में समझ लीजिए।

ट्रेन में लगेज रखने का सही नियम

कई लोगों में यह गलतफहमी होती है कि जिसके नाम पर लोअर बर्थ बुक है, सिर्फ वही उसके नीचे अपना लगेज रख सकता है। हालांकि, लोअर बर्थ के नीचे मौजूद जगह उस हिस्से में सफर कर रहे सभी यात्रियों के लिए कॉमन होती है।

जी हां, आपको भले ही हैरानी हो, मगर इस जगह पर अपर, मिडिल और लोअर बर्थ वाले तीनों यात्रियों का सामान रखने का बराबर अधिकार है। इसलिए, इस पर कोई एक व्यक्ति अपना एकाधिकार नहीं जता सकता।

सभी यात्रियों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि उनका सामान इतना बड़ा न हो कि वह रास्ते को रोक दे। रेलवे यही कहता है कि बड़े ट्रंक और भारी बैग्स को आपस में मिल-जुलकर इस तरह रखना चाहिए ताकि किसी का भी सामान बाहर न छूटे।

सोने और बैठने के लिए भी तय हैं रेलवे के नियम

सामान के अलावा, रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए सोने और बैठने के भी स्पष्ट नियम बनाए हैं:

  • आराम करने का वक्त: ट्रेन में यात्रियों के सोने का समय रात 10:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक ही माना जाता है।
  • मिडिल बर्थ की टाइमिंग: मिडिल बर्थ वाला व्यक्ति सिर्फ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही अपनी सीट खोल सकता है। दिन के समय उसे अपनी सीट बंद रखनी होती है।
  • दिन में बैठने की छूट: सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक मिडिल और अपर बर्थ के यात्री बेझिझक लोअर सीट पर आकर बैठ सकते हैं।
  • साइड लोअर की शेयरिंग: दिन के वक्त में RAC या कन्फर्म साइड लोअर टिकट वाले यात्रियों को दो लोगों के बैठने की जगह को आपस में बांटना होता है।

बिना एक्स्ट्रा चार्ज के कितना सामान ले जाना है फ्री?

ट्रेन में आप कितना वजन ले जा सकते हैं, इसके लिए भी रेलवे ने एक सीमा तय की हुई है:

  • स्लीपर क्लास: अधिकतम 40 किलो तक का सामान।
  • AC 3-टियर और 2-टियर: 40 से 50 किलो के बीच का सामान।
  • AC फर्स्ट क्लास: अधिकतम 70 किलो तक का सामान बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के ले जाया जा सकता है।

अगर कोई दादागिरी दिखाए, तो क्या करें?

अगर कोई यात्री नियम मानने से इनकार कर दे, आपको सामान न रखने दे या झगड़ा करने लगे, तो आपको उससे उलझने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप इन स्मार्ट तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • TTE को बुलाएं: तुरंत अपने कोच में मौजूद TTE या कोच अटेंडेंट से संपर्क करें। वह रेलवे नियमों के तहत आपकी जगह तय करवाएंगे।
  • 139 हेल्पलाइन: आप रेलवे के सपोर्ट नंबर 139 पर कॉल करके भी अपनी सीट और कोच का नंबर बताते हुए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • रेल मदद ऐप का यूज: सफर में इस ऐप के जरिए आप उस झगड़ा करने वाले यात्री के खिलाफ तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या फैमिली के साथ बैठने के लिए ट्रेन में बदल सकते हैं सीट? नहीं जाने रेलवे के ये नियम, तो होगी परेशानी

यह भी पढ़ें- शादी या ग्रुप टूर के लिए बुक करना है ट्रेन का पूरा कोच? जानिए इंडियन रेलवे की इस खास सुविधा के नियम और शर्तें