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    सिर्फ वादियां नहीं, मीठे फलों के लिए भी मशहूर है मिजोरम का चम्फाई! जन्नत सी है इसकी खूबसूरती

    By Niharika PandeyEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Sun, 24 May 2026 08:00 AM (GMT+05:30)

    मिजोरम का चम्फाई शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों और लोककथाओं के लिए जाना जाता है। इसे पहले 'चावल का कटोरा' कहा जाता था और अब यह 'फलों का कटोरा' ...और पढ़ें

    क्यों खास है मिजोरम का चम्फाई (Picture Credit- AI Generated)

    क्यों खास है मिजोरम का चम्फाई (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. चम्फाई मिजोरम का 'फलों का कटोरा' बन रहा है

    2. रिह दिल झील और अंगूर के बाग प्रमुख आकर्षण हैं

    3. प्राचीन स्थल और पौराणिक प्रेम कहानियां इसे खास बनाती हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आइजॉल से 192 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है मिजोरम का एक खूबसूरत, छोटा-सा शहर चम्फाई। यहां के सुंदर पहाड, खूबसूरत नजारे और लोककथाएं इस शहर को रोमांटिक यात्रा के लिए एक सटीक जगह बनाती है। हालांकि, चम्फाई बड़ी ही तेजी से मिजोरम का फ्रूट बाउल या फलों का कटोरा के रूप में भी उभरता जा रहा है। आइए, चलते हैं चम्फाई की इस खूबसूरत यात्रा पर।

    चावल का कटोरा और अब फलों का भी

    चम्फाई को मिजोरम का राइस बाउल या चावल का कटोरा कहा जाता है। यहां दूर-दूर तक फैले चावल के खेतों ने इसे यह नाम दिया है और यह एक मुख्य आकर्षण भी है। हालांकि, पैशन फ्रूट, अंगूर के साथ-साथ एक-दो साल पहले शुरू की गई कीवी की खेती ने इस शहर को मिजोरम का फ्रूट बाउल भी बना दिया है।

    ये हैं कुछ खास जगहें

    • रिह दिल: हार्ट शेप की यह झील म्यांमार में स्थित है लेकिन इस झील से मिजारेम के लोगों का भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। सैलानी इसकी खूबसूरती को भी निहार सकते हैं।
    • मुआलनुम: वैसे तो मानसून के दौरान यहां का नजारा देखने लायक होता है, लेकिन किसी भी मौसम में इसकी खूबसूरती का आनंद लिया जा सकता है।
    • अंगूर के बाग: ये बाग काफी खूबसूरत हैं और यहां की वाइनरी काफी मशहूर है। 
    • लॉस्ट सिटी वांगछिया: चम्फाई के खौबुंग गांव में स्थित 171 तराशे गए प्राचीन पत्थरों के साथ यह जगह नेचुरल हेरिटेज साइट के रूप में संरक्षित है।
    • मुरा पुक की गुफाएं: यहां 6 गुफाएं है और इस जगह से भी कई सारी लोककथाएं जुड़ी हुई हैं। चम्फाई से मुरा पुक की दूरी सिर्फ 10 किलोमीटर ही है।

    एक पौराणिक प्रेमकथा से जुड़ी है यह जगह

    चम्फाई से 56 किलोमीटर दूर डुंग्टलांग गांव की ऊंची पहाड़ी पर स्थित एक चट्टानी किनारा है लियानछियारी लुंगलेन त्लांग। यहां से बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। इस चट्टानी किनारे से लियानचियारी और चानवफिआंगा की प्रेम कहानी के किस्से जुड़े हैं, जो आज भी मशहूर हैं। इस तरह की कहानी प्रेमी जोड़ों को यहां के सफर के लिए आकर्षित करती हैं।

    ऐसे पहुंचें चम्फाई

    • हवाई मार्ग से: आइजोल का सबसे करीबी हवाई अड्डा है लेंगपुई। आप कोलकाता और गुवाहटी से भी फ्लाइट ले सकते हैं।
    • रेल मार्ग से: चम्फाई से सबसे करीबी रेलवे स्टेशन है बैराबी या सिलचर। इस स्टेशन से शहर पहुंचने लगभग 12 घंटे का समय लग जाता है।
    • सड़क मार्ग से: आइजोल से चम्फाई के लिए काफी सारी बसें मिल जाती हैं। आप आइजोल से 8 घंटे में सड़क के रास्ते चम्फाई पहुंच सकते हैं।   

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