पीएम मोदी की अपील का दिखा असर: विदेश छोड़ कश्मीर और लक्षद्वीप में छुट्टियां मना रहे भारतीय
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद भारतीय अब विदेश यात्राओं की बजाय देश के भीतर ही छुट्टियां मनाना पसंद कर रहे हैं। ...और पढ़ें

पीएम मोदी की एक अपील से कश्मीर से लक्षद्वीप तक उमड़ पड़े पर्यटक (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी इस गर्मी की छुट्टियों में विदेश जाने का प्लान बना रहे थे? शायद अब आप अपना मन बदल लें! दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी और अब इसका सीधा असर देश के ट्रैवल सेक्टर पर साफ नजर आ रहा है। भारतीय अब विदेश जाने के बजाय अपने ही देश की खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठा रहे हैं।

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कश्मीर से लेकर केरल तक छाई बहार
देश में पर्यटन का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। कश्मीर, लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, केरल और उत्तर बंगाल जैसी खूबसूरत जगहों पर घूमने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं, दूसरी तरफ विदेशों में छुट्टियां मनाने को लेकर लोगों की दिलचस्पी काफी कम हो गई है और इससे जुड़ी पूछताछ में साफ गिरावट देखी जा रही है।
आंकड़ों में देखिए घरेलू पर्यटन का कमाल
इंटरसिटी स्मार्टबस के आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून, मनाली, गोवा, तिरुपति और उज्जैन जैसे मशहूर पर्यटन और धार्मिक स्थलों की बुकिंग में 30 से 35 प्रतिशत तक का भारी उछाल आया है।
स्काईस्कैनर की 'स्मार्टर समर रिपोर्ट' भी एक बेहद दिलचस्प बात बताती है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 90 फीसदी भारतीय यात्री अब यह चाहते हैं कि वे छुट्टियों पर जो भी पैसा खर्च करें, उसका सीधा फायदा छोटे व्यवसायों और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मिले।
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विदेश यात्राओं की बुकिंग में आई गिरावट
क्लियरट्रिप, मेकमाईट्रिप और ईजमाईट्रिप जैसे प्रमुख ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स का भी यही कहना है कि इस बार गर्मियों में भारतीय परिवार लंबी विदेश यात्राओं के बजाय देश में ही छोटी अवधि की छुट्टियां बिताना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की पूछताछ और बुकिंग में 10% से 15% तक की कमी दर्ज की गई है।
पर्यटन मंत्रालय के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि भारत में घरेलू पर्यटक यात्राओं का आंकड़ा बढ़कर 413 करोड़ तक जा पहुंचा है। यह साफ दर्शाता है कि घरेलू पर्यटन अब भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत और रीढ़ बन चुका है।
लक्षद्वीप बना सैलानियों की पहली पसंद
पर्यटन मंत्रालय के सबसे हैरान करने वाले ताजा आंकड़े लक्षद्वीप से आए हैं। यहां पर्यटकों की संख्या में बंपर इजाफा हुआ है:
- साल 2020: मात्र 3,875 पर्यटक लक्षद्वीप पहुंचे थे।
- साल 2023: यह संख्या बढ़कर 46,551 हो गई (1,101% की वृद्धि)।
- साल 2024: पर्यटकों का यह आंकड़ा रिकॉर्ड 68,328 तक पहुंच गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ चार सालों में यहां पर्यटकों की संख्या 17 गुना बढ़ गई है। वहीं, साल 2023 से 2024 के बीच ही सैलानियों की संख्या में 47% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जानकारों का मानना है कि जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा और उसके बाद सोशल मीडिया पर हुए जबरदस्त प्रचार ने इस जगह की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
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