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    ऋषिकेश-हरिद्वार नहीं, इस नवरात्र पहुंच जाएं कसार देवी मंदिर; कदम रखते ही मिलती है असीम शांति

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 11:34 AM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित कसार देवी मंदिर अपनी अद्वितीय भू-चुंबकीय शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है। ...और पढ़ें

    उत्तराखंड का रहस्यमयी कसार देवी मंदिर (Image Source: Incredible India)

    उत्तराखंड का रहस्यमयी कसार देवी मंदिर (Image Source: Incredible India) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड की खूबसूरती और ऋषिकेश-हरिद्वार जैसी जगहों से तो हम सभी वाकिफ हैं, जहां विदेशी सैलानी भी बड़ी संख्या में आते हैं, लेकिन 'देवभूमि' की वादियों में एक ऐसा रहस्य भी छिपा है जो दुनिया भर के वैज्ञानिकों और आध्यात्मिक गुरुओं को अपनी ओर खींचता है।

    हम बात कर रहे हैं अल्मोड़ा की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक कसार देवी मंदिर की (Kasar Devi Temple)। आइए जानते हैं इस अद्भुत मंदिर के बारे में, जहां आप इस चैत्र नवरात्र दर्शन का प्लान भी बना सकते हैं।

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    (Image Source: Incredible India) 

    धरती के नीचे छिपा है भू-चुंबकीय रहस्य

    कसार देवी मंदिर पूरे भारत में इकलौती ऐसी जगह है जहां धरती के अंदर मौजूद अनोखी चुंबकीय शक्तियां काम करती हैं। माना जाता है कि इसी स्थान पर देवी मां साक्षात अवतरित हुई थीं। इस पूरे क्षेत्र के नीचे विशाल भू-चुंबकीय पिंड मौजूद हैं और इसे विज्ञान की भाषा में 'वैन एलेन बेल्ट' कहा जाता है।

    इस मंदिर से जुड़ी इन शक्तियों और चमत्कारों का पता लगाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' के वैज्ञानिक भी यहां आ चुके हैं, लेकिन तमाम रिसर्च के बाद भी वो इस रहस्य को नहीं सुलझा सके और उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। यही कारण है कि इस क्षेत्र में कदम रखते ही लोगों को एक अजीब और गहरी मानसिक शांति का एहसास होता है।

    चमत्कारों से परे है कसार देवी का आकर्षण

    इस जगह का आकर्षण सिर्फ चमत्कारों तक सीमित नहीं है। महान संत स्वामी विवेकानंद ने भी यहां आकर एकांत में ध्यान लगाया था और अपने लेखों में इस जगह की बहुत तारीफ की थी।

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    70 के दशक में यह जगह 'हिप्पी संस्कृति' का इतना बड़ा केंद्र बन गई थी कि इसे 'हिप्पी हिल' कहा जाने लगा था। जॉर्ज हैरिसन, बॉब डायलन, कैट स्टीवंस, एलन गिन्सबर्ग और टिमोथी लेरी जैसी दुनिया की जानी-मानी हस्तियां भी इस मंदिर की अद्भुत शांति और शक्तियों से खुद को दूर नहीं रख पाई थीं।

    Swami Vivekananda Kasar Devi

    (Image Source: Incredible India) 

    कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है भव्य कसार मेला

    धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से बेहद खास इस मंदिर में हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर 'कसार मेला' आयोजित किया जाता है। इस प्रसिद्ध मेले का महत्व सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है, जिसके चलते इसमें हिस्सा लेने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

    आसपास घूमने के लिए मौजूद हैं बेहतरीन जगहें

    अगर आप कसार देवी जा रहे हैं, तो मां के दर्शन के अलावा आप इन चीजों का भी लुत्फ उठा सकते हैं:

    • प्रकृति और ध्यान: आसपास के शांत, हरे-भरे गांवों में समय बिताएं। मंदिर का शांत वातावरण योग और मेडिटेशन के लिए एकदम परफेक्ट है।
    • बिनसर वाइल्डलाइफ सेंचुरी: मंदिर के काफी करीब स्थित इस सेंचुरी में आप अलग-अलग प्रजाति के खूबसूरत पक्षियों को देख सकते हैं।
    • डियर पार्क: अल्मोड़ा से लगभग 3 किलोमीटर दूर नारायण तिवारी देवाई में स्थित यह पार्क देवदार और ओक के घने जंगलों से घिरा हुआ है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शानदार जगह है।

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    (Image Source: Incredible India)

    कैसे पहुंचें कसार देवी?

    मुख्य शहर अल्मोड़ा से कसार देवी सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पहुंचना काफी आसान है:

    • सड़क मार्ग: दिल्ली से इस मंदिर की कुल दूरी 373 किलोमीटर है, जिसे आप अपनी प्राइवेट कार, टैक्सी या बस के जरिए आसानी से तय कर सकते हैं।
    • ट्रेन द्वारा: सबसे पास का रेलवे स्टेशन काठगोदाम है (मंदिर से 88 किलोमीटर दूर)। स्टेशन से अल्मोड़ा जाने के लिए रोजाना बसें और टैक्सियां चलती हैं।
    • हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का पंतनगर हवाई अड्डा है, जो कसार देवी से 124 किलोमीटर दूर है। वहां से आप अल्मोड़ा के लिए स्थानीय बस या प्राइवेट टैक्सी ले सकते हैं।

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