यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फिल्म 'इमरजेंसी' की स्क्रीनिंग रोकने पर भड़का भारत, ब्रिटेन से कहा- सख्त एक्शन लेना होगा
अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी का खालिस्तान समर्थकों ने लंदन में विरोध किया। थिएटर में घुसकर कट्टरपंथियों ने जमकर बवाल काटा। घटना के वीडियो सो ...और पढ़ें

HighLights
- भारत ने कहा- हंगामे में शामिल तत्वों को जवाबदेह ठहराया जाए।
- ब्रिटेन के सामने हिंसक विरोध और धमकी की चिंता जाहिर की।
- उम्मीद है कि ब्रिटेन की सरकार इस पर जल्द सख्त एक्शन लेगी।
एएनआई, नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम (यूके) में अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' की स्क्रीनिंग के दौरान खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथियों ने जमकर हंगामा किया। कट्टरपंथियों ने फिल्म की स्क्रीनिंग को रोकने की कोशिश की। अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने यूके से ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यूके के सामने अपनी जिंता जाहिर कर चुके
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने कई रिपोर्ट देखी हैं कि किस तरह कई हॉलों में फिल्म 'इमरजेंसी' को रोका जा रहा है। हम लगातार यूके सरकार के समक्ष भारत विरोधी तत्वों द्वारा हिंसक विरोध और धमकी से जुड़ी चिंता जाहिर कर चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को चुनिंदा रूप से लागू नहीं किया जा सकता है। फिल्म को बाधित करने में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उचित कार्रवाई करेगा यूके
विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि यूके की सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि लंदन में हमारा उच्चायोग हमारे समुदाय के लोगों की सुरक्षा और कल्याण के लिए नियमित रूप से संपर्क में है। उम्मीद करते हैं कि यूके इस मामले में सख्त और उचित कार्रवाई करेगा।
अमेरिका सामने उठाया जाएगा पन्नू का मामला
सोशल मीडिया पर अमेरिकी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वीडियो वायरल हो रहा है। मीडिया में वह डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में दिख रहा है। जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या भारत ने अमेरिका के साथ इस मुद्दे को उठाया है।
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रणदीप जायसवाल ने कहा कि जब भी कोई भारत विरोधी गतिविधि होती है तो हम ऐसे मामलों को अमेरिका के साथ उठाते हैं। इसलिए हम अमेरिकी सरकार के साथ ऐसे मुद्दे उठाते रहेंगे, जिनका हमारी सुरक्षा पर असर पड़ता है, जिनका भारत विरोधी एजेंडा है।