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    कटक की दोलमुंडाई रथयात्रा में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम समाज ने तीनों रथों पर चढ़ाया भोग

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 12:24 PM (IST)

    कटक की हरिपुर दोलमुंडाई रथयात्रा में इस वर्ष भी सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। सेमिनरी चौक पर मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने श्रद्धाप ...और पढ़ें

    दोलमुंडाई रथ यात्रा में रथ का स्वागत करते मुसलमान संप्रदाय के लोग और अन्य विशिष्ट व्यक्ति

    दोलमुंडाई रथ यात्रा में रथ का स्वागत करते मुसलमान संप्रदाय के लोग और अन्य विशिष्ट व्यक्ति

    HighLights

    1. कटक दोलमुंडाई रथयात्रा में दिखा सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत नजारा।

    2. मुस्लिम समुदाय ने भगवान के तीनों रथों पर श्रद्धापूर्वक भोग चढ़ाया।

    3. यह परंपरा कटक की साझा संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करती है।

    संवाद सहयोगी, कटक। कटक हरिपुर दोलमुंडाई रथयात्रा में इस वर्ष भी सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। परंपरा के अनुसार जब भगवान के तीनों रथ सेमिनरी चौक पहुंचे, तब वहां की मोहल्ला कमेटी और चांद क्लब के मुस्लिम भाइयों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ तीनों रथों पर महाप्रभु को भोग अर्पित किया।

    इस भावपूर्ण आयोजन ने आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इससे पूर्व दोलमुंडाई रथयात्रा में छेरा पहंरा (स्वर्ण झाड़ू सेवा) की परंपरागत सेवा राजा ब्रज किशोर प्रधान ने संपन्न की।

    सेमिनरी चौक पर आयोजित भोग कार्यक्रम में सरदार मंसूर अली, मोहल्ला कमेटी के अध्यक्ष शेख रमजान अली, महासचिव शेख अरफान, शेख बंटी और शेख पिंटू सहित अनेक मुस्लिम श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद देवाशीष सामंतराय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में कटक नगर निगम के मेयर सुभाष सिंह, बारबाटी-कटक विधायक इं सोफिया फिरदौस, पूर्व विधायक इं मोहम्मद मोकीम, पूर्व विधायक डॉ. प्रभात रंजन बिस्वाल, सेंट्रल रेडक्रॉस वार्ड कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रंजन कुमार बिस्वाल, कटक के जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊ साहेब शिंदे, डीसीपी खिलारी ऋषिकेश द्यानदेव तथा केएमसी कमिश्नर किरणदीप कौर शामिल रहे।

    इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आयोजन में भाग लिया। पूजा समिति के अध्यक्ष रामकृष्ण हाथी, सचिव विक्रम छाटोई तथा समिति के अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अतिथियों का स्वागत किया और रथयात्रा के सफल आयोजन में सहयोग दिया।

    श्रद्धालुओं ने कहा कि, दोलमुंडाई रथयात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव का भी प्रतीक है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा कटक की साझा संस्कृति को मजबूत करने का कार्य कर रही है और समाज में भाईचारे का प्रेरणादायी संदेश दे रही है।

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