ओडिशा में LPG संकट के बीच आहार केंद्रों पर बढ़ी भीड़, 1 घंटे में खत्म हो रहा खाना
ओडिशा में एलपीजी सिलिंडर की कमी के कारण सैकड़ों छात्र और कम आय वर्ग के लोग आहार केंद्रों पर निर्भर हो गए हैं। हॉस्टल के छात्रों को खाना बनाने में दिक् ...और पढ़ें

ट्विन सिटी में एलपीजी संकट के बीच आहार केंद्रों पर बढ़ी भीड़।
HighLights
एलपीजी कमी से छात्र, कम आय वर्ग प्रभावित।
आहार केंद्रों पर भोजन 45 मिनट में खत्म।
प्रशासन ने भोजन मात्रा बढ़ाने की घोषणा नहीं की।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में एलपीजी सिलिंडर की कमी और होटलों-ढाबों में बढ़ती खाने की कीमतों के कारण सैकड़ों लोग, खासकर छात्र और कम आय वर्ग के लोग, सस्ते भोजन के लिए आहार केंद्रों पर निर्भर हो गए हैं।
हॉस्टल और मेस में रहने वाले छात्र सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि उनके उपयोग में आने वाले 5 किलो के एलपीजी सिलिंडर रीफिल नहीं हो पा रहे हैं, जिससे वे खाना बनाने में असमर्थ हो गए हैं।
इस संकट का असर होटल व्यवसाय पर भी पड़ा है। कई होटलों के बारे में सूचना मिल रही है कि कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी के कारण उन्हें बंद करना पड़ा है।
इसके अलावा कुछ ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके चलते भुवनेश्वर और कटक में आहार केंद्रों पर 5 रुपये में मिलने वाले चावल-दालमा भोजन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
एक घंटे के भीतर खत्म हो जा रहा खाना
अधिकारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, कई आहार केंद्रों पर भोजन खुलने के 45 मिनट से एक घंटे के भीतर ही खत्म हो जा रहा है। भुवनेश्वर और कटक के कई स्थानों पर इसी तरह के हालात देखने को मिल रहे हैं।
एक स्थानीय निवासी ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि हालात बहुत खराब हैं, खाना बहुत जल्दी खत्म हो जा रहा है। जब हम दोपहर 1 बजे के आसपास पहुंचते हैं, तो मुश्किल से थोड़ा सा चावल और दलमा बचा रहता है।
पिछले एक सप्ताह में अचानक बढ़ी भीड़
एक आहार केंद्र के टिकट काउंटर प्रभारी ने भी बताया कि पिछले एक सप्ताह में भीड़ अचानक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पहले खाना लगभग 1 बजे तक चलता था, लेकिन अब 45 मिनट से एक घंटे में खत्म हो जाता है।
केंद्र सुबह 11 बजे खुलता है। जब तक भोजन की मात्रा नहीं बढ़ाई जाएगी, समस्या का समाधान नहीं होगा। बढ़ती मांग के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से भोजन की मात्रा बढ़ाने या स्थिति से निपटने के लिए कोई त्वरित घोषणा नहीं की गई है।