ओडिशा सरकार का फैसला: कॉलेज के 500 मीटर दायरे में शराब-तंबाकू बिक्री पर बैन, 15 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट
ओडिशा सरकार ने छात्रों को नशे से बचाने के लिए सभी कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को नशामुक्त क्षेत्र घोषित किया है। ...और पढ़ें

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HighLights
कॉलेजों के 500 मीटर दायरे को नशामुक्त क्षेत्र घोषित।
शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध।
15 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राज्य में छात्रों को नशे की लत से बचाने और शैक्षणिक माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए ओडिशा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी कॉलेजों को निर्देश दिया है कि उनके परिसर के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह नशामुक्त क्षेत्र बनाया जाए। इस संबंध में सभी कॉलेजों को भौतिक सत्यापन कर 15 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय (एनसीओआरडी) के दिशा-निर्देशों के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 500 मीटर के भीतर शराब, तंबाकू, मादक पदार्थ, साइकोट्रॉपिक पदार्थ या अन्य नशीले उत्पादों की बिक्री नहीं होनी चाहिए। कॉलेज प्रशासन को अपने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना होगा कि वहां इस तरह की कोई दुकान या अवैध बिक्री केंद्र संचालित न हो रहा हो।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निरीक्षण के दौरान कोई शराब दुकान, तंबाकू विक्रेता, नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाला प्रतिष्ठान अथवा अन्य नशे से जुड़े बिक्री केंद्र पाए जाते हैं, तो उनकी पूरी जानकारी रिपोर्ट में दर्ज करनी होगी। इसके लिए विभाग ने एक मानक रिपोर्टिंग प्रारूप भी जारी किया है।
सभी महाविद्यालयों को निर्धारित जानकारी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) पोर्टल पर 15 जुलाई तक अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय निदेशकों को इस अभियान की निगरानी और दिशा-निर्देशों के कड़ाई से पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। विभाग का मानना है कि कॉलेज परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर अंकुश लगाकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकेगा और शिक्षा का बेहतर माहौल विकसित होगा।