संबलपुर कोर्ट को तीसरी बार मिली बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर; जांच पर उठे सवाल
संबलपुर जिला अदालत को तीसरी बार ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। ...और पढ़ें

धमकी के बाद कोर्ट परिसर में तैनात पुलिस
HighLights
संबलपुर कोर्ट को तीसरी बार ईमेल से बम धमकी मिली।
पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, कुछ नहीं मिला।
वकीलों ने जांच में देरी पर पुलिस से नाराजगी जताई।
संवाद सहयोगी, संबलपुर। जिला अदालत को सोमवार को एक बार फिर ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इस वर्ष यह तीसरा मौका है, जब कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ तोफान बाग के निर्देश पर कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
पुलिस ने तत्काल बम निरोधक दस्ता, स्निफर डाग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर की मदद से पूरे कोर्ट परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई, वहीं कोर्ट के बाहर खड़े वाहनों की भी सघन तलाशी ली गई। कई घंटे तक चले सर्च आपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
हालांकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि इस वर्ष संबलपुर कोर्ट को लगातार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। इससे पहले 8 जनवरी को ओडिशा हाईकोर्ट के साथ संबलपुर और देवगढ़ जिला अदालतों को धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। इसके बाद 6 फरवरी को राज्य की कई अदालतों को इसी तरह की धमकी मिली।
वहीं मार्च में संबलपुर और बरगढ़ जिला अदालतों को भी निशाना बनाया गया था। लगातार मिल रही इन धमकियों के बावजूद पुलिस अब तक न तो ई-मेल भेजने वाले आरोपियों की पहचान कर सकी है और न ही उनके मकसद का खुलासा हो पाया है। जांच में लगातार हो रही देरी और ठोस सफलता नहीं मिलने से अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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वकील संघ के सदस्यों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार धमकियां मिलने के बावजूद यदि आरोपी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों की शीघ्र पहचान और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि ई-मेल के स्रोत और तकनीकी पहलुओं की जांच साइबर विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है तथा मामले की हर पहलू से पड़ताल जारी है।