बचपन में कटा हाथ, अब ट्रैक पर रचा इतिहास; किसान के बेटे दिलीप गावित ने Commonwealth Games 2026 में जीता गोल्ड
दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। ...और पढ़ें
HighLights
मेंस 100 मीटर T47 स्पर्धा में किया कमाल
मोहम्मद बासिल ने सिल्वर मेडल जीत लिया
गोल्ड और सिल्वर मेडल पर भारत का कब्जा
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा-एथलेटिक्स प्रतियोगिता का समापन भारत के लिए शानदार रहा। दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि उनके साथी मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए यादगार 'वन-टू' (पहला और दूसरा स्थान) हासिल किया।
गावित ने 10.71 सेकंड का शानदार समय निकालकर पिछला गेम्स रिकॉर्ड तोड़ा और पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। बासिल ने 10.83 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ (सीजन-बेस्ट) समय लेकर दूसरा स्थान पक्का किया, जिससे प्रतियोगिता की सबसे तेज दौड़ में से एक में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल अपने नाम किए। पैरा एथलेटिक्स में भारत का यह तीसरा गोल्ड मेडल था।
Result Update🚨: Men's 100M T47
— SAI Media (@Media_SAI) July 29, 2026
A spectacular double podium finish!
TOPS athlete Dilip Mahadu Gavit stormed to Gold with a Games Record (10.71s) and Season Best, becoming the first Indian male para athlete to win a CWG Gold in Para Athletics and only the second Indian para… pic.twitter.com/iWwnRVvy6N
भारत का तीसरा गोल्ड
गावित के अलावा वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और महिलाओं का शॉट पुट F57 इवेंट जीतने वाली शर्मिला ने भी मेडल जीते। इंग्लैंड के केविन सैंटोस ने 10.85 सेकंड में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के जेडन पेज 10.97 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे।
इस नतीजे ने पैरा एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती ताकत को दिखाया, क्योंकि दोनों स्प्रिंटर्स ने ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन किया। गावित के गेम्स रिकॉर्ड ने उनके बेहतरीन फॉर्म को साबित किया, जबकि बेसिल के सिल्वर मेडल ने भारत की मेडल टैली को और बढ़ाया।
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भारत के खाते में 15 पदक
इस 'वन-टू' फिनिश के साथ इन खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या 15 हो गई। इसमें 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। महाराष्ट्र में नासिक के पास तोरण डोंगरी गांव में जन्मे गावित एक साधारण किसान परिवार में पले-बढ़े। उनकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल गई जब 5 साल की उम्र में पेड़ से गिरने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लग गई।
समय पर नहीं मिला इलााज
समय पर इलाज न मिल पाने के कारण चोट गैंग्रीन में बदल गई, जिससे डॉक्टरों को उनकी कोहनी के नीचे से हाथ काटना पड़ा। इस मुश्किल के बावजूद गावित ने दौड़ने के अपने जुनून को जारी रखा और पैरा-एथलेटिक्स में अपना करियर बनाया। उन्होंने अपने गांव की धूल भरी सड़कों पर ट्रेनिंग की। इसके बाद कोच वैजनाथ काले ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें प्रोफेशनल पैरा-एथलेटिक्स में आने में मदद की।
गावित ने इससे पहले 2022 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की 400 मीटर T47 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था, जो इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में भारत का ऐतिहासिक 100वां मेडल था। वह पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में पुरुषों की 400 मीटर T47 इवेंट के फाइनल में भी पहुंचे थे।