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    क्या है 'लॉन बॉल्स' जिससे भारत करेगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज? जानिए इसके नियम और खेलने का तरीका

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

    भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 'लॉन बॉल्स' खेल से कर रहा है। ...और पढ़ें

    लॉन बॉल्स

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आज, 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत होने जा रही है। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 'लॉन बॉल्स' खेल से कर रहा है। इसी खेल में देश को चार साल पहले एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल मिला था। हालांकि, यह ऐसा खेल नहीं है जिसके बारे में लोगों को बहुत ज्‍यादा जानकारी हो।

    लॉन बॉल्स कैसे खेला जाता है?

    यह खेल आम तौर पर घास वाले आयताकार मैदान पर खेला जाता है, जिसे 'बॉलिंग ग्रीन' कहते हैं। इस मैदान को 'रिंक' नाम के सीधे हिस्सों में बांटा जाता है। मैच एक ही रिंक की सीमा के अंदर खेला जाता है। इसमें 3 मुख्य चीजें इस्तेमाल होती हैं: एक बाउल, एक जैक और एक मैट।

    • जैक: यह सफेद या पीले रंग की एक ठोस गोल गेंद होती है, जिसका व्यास 63mm से 67mm के बीच होता है। यह बॉलर के लिए लक्ष्य का काम करती है।
    • बाउल: यह लकड़ी, रबर या प्लास्टिक रेजिन से बनी एक बड़ी गेंद होती है, जिसका व्यास 112mm से 134mm के बीच होता है। इसे जैक की तरफ लुढ़काया जाता है। खास बात यह है कि बाउल 'बायस्ड' (एक तरफ झुका हुआ) होते हैं और हमेशा सीधी रेखा के बजाय घुमावदार रास्ते पर चलते हैं।
    • मैट: यह लगभग 600mm लंबी और 360mm चौड़ी आयताकार शीट होती है। जैक की तरफ बाउल फेंकते समय बॉलर को मैट पर खड़ा होना जरूरी होता है।

    लॉन बॉल्स के नियम क्या हैं?

    यह खेल सिंगल्स, पेयर्स, ट्रिपल्स या फोर्स (चार खिलाड़ियों वाली टीम) के तौर पर खेला जा सकता है। टीम इवेंट में जो बॉलर सबसे पहले बॉल फेंकता है उसे "लीड" कहा जाता है, जबकि जो खिलाड़ी सबसे आखिर में बॉल फेंकता है उसे "स्किप" कहा जाता है।

    दोनों खिलाड़ियों (सिंगल्स में) या दोनों टीमों के सभी बॉल्स फेंक लेने के बाद पॉइंट्स दिए जाते हैं। मकसद या तो जैक को हिट करना होता है या उसके जितना हो सके उतना करीब पहुंचना होता है। हर एंड (राउंड) के आखिर में पॉइंट्स जोड़े जाते हैं।

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    पिछली बार क्‍या हुआ

    बर्मिंघम 2022 में सिंगल्स मैच में हर खिलाड़ी ने प्रति एंड चार बॉल्स फेंकीं। टीम इवेंट में हर खिलाड़ी ने प्रति एंड दो बॉल्स फेंकीं। पिछले एडिशन में सिंगल्स मैच में वही खिलाड़ी जीतता था जो सबसे पहले 21 पॉइंट्स तक पहुंचता था। पेयर्स और ट्रिपल्स मैच में विजेता तय करने के लिए तय संख्या में एंड खेले जाते थे, जबकि फोर्स मैच 15 एंड में तय होते थे।

    कैसे गिने जाते प्‍वाइंट्स

    प्‍वाइंट्स इस आधार पर गिने जाते हैं कि किसी एक टीम या खिलाड़ी की कितनी बॉल्स विरोधी की सबसे करीबी बॉल की तुलना में जैक के ज्‍यादा करीब हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी टीम की दो बॉल्स विरोधी की सबसे अच्छी बॉल की तुलना में जैक के ज्‍यादा करीब हैं, तो उन्हें उस एंड के लिए दो प्‍वाइंट्स मिलते हैं।

    लॉन बॉल्स में भारत का प्रदर्शन?

    जिन खास इवेंट्स में भारत ने 2022 में ऐतिहासिक मेडल जीते थे, उन्हें इस साल हटा दिया गया है। लागत कम करने के लिए मेन्स फोर्स, विमेंस फोर्स, मेन्स ट्रिपल्स और विमेंस ट्रिपल्स अब CWG 2026 का हिस्सा नहीं हैं। 2026 के लिए लॉन बॉल्स को सिर्फ सिंगल्स और पेयर्स इवेंट्स (साथ ही पैरा पेयर्स) तक ही सीमित रखा गया है।

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