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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mallikarjun Kharge Profile: कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में शामिल खड़गे हैं गांधी परिवार के काफी करीब

    By Monika MinalEdited By:
    Updated: Fri, 30 Sep 2022 06:18 PM (IST)

    Mallikarjun Kharge Profile कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामिनेशन की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी। पहले तो कई नाम इसके लिए सामने आए लेकिन अंतत तीन ...और पढ़ें

    कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में शामिल खड़गे हैं गांधी परिवार के काफी करीब
    कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में शामिल खड़गे हैं गांधी परिवार के काफी करीब

    नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। 'सोलिल्लाडा सरदारा (Solillada Saradara)' यानि कभी न हारने वाला नेता के नाम से पापुलर कर्नाटक के मल्लिकार्जुन खड़गे शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की रेस में शामिल हो गए। उन्होंने आज अपना नामांकन दाखिल कर दिया। गांधी परिवार के काफी करीबी माने जाने वाले खड़गे यदि कांग्रेस अध्यक्ष के लिए निर्वाचित होते हैं तो वे कर्नाटक से दूसरे पार्टी अध्यक्ष होंगे। उनसे पहले दलित नेता एस निजलिंंगप्पा (  S Nijalingappa) ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद जगजीवन राम के बाद संभाला था।

    राजनीति में 50 सालों से अधिक का है अनुभव 

    • गांधी परिवार के करीबी खड़गे को माना जाता है पार्टी का संकटमोचक
    • अब तक कांग्रेस पार्टी का बागडोर संभालने वाले गांधी परिवार के काफी करीबी माने जाते हैं
    • 80 वर्षीय खड़गे राज्यसभा में नेता विपक्ष हैं
    • कालेज के दिनों में ही खड़गे ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत कर दी थी
    • खड़गे ने 1972 के बाद विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार जीत हासिल की थी
    • वे 9 बार विधायक और 3 बार सांसद रह चुके हैं
    • साल 2020 में खड़गे कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए
    • साल 2021 में उन्हें राज्यसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर चुना गया

    संयुक्त मजदूर संघ के प्रभावशाली नेता रह चुके खड़गे ने मजदूरों के अधिकारों के लिए किए गए कई आंदोलनों की अगुवाई की। खड़गे ने मोदी लहर को भी टक्कर दिया था। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अपनी सीट बचाने में उन्होंने कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद ही इन्हें लोकसभा में पार्टी का नेता बनाया गया। 1969 में उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस से हाथ मिलाया और गुलबर्ग सिटी कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष बने। विभिन्न मंत्रालयों में रह चुके खड़गे लोकसभा में 2014 से 2019 तक लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता रहे। उन्होंने क्षम व रोजगार मंत्रालय, रेलवे ओर सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण मंत्रालय को भी संभाला।

    कभी विवादों से खड़गे का नहीं रहा नाता 

    कई बार कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे शीर्ष प्रतियोगी रहे लेकिन कभी भी इस पद तक नहीं पहुंचे। खड़गे ने पहले कई बार कहा है, 'आप मुझे दलित क्यों कहते रहते हैं, ऐसा मत कहिए, मैं कांग्रेस का हूं। स्वभाव से शांत खड़गे कभी भी विवादित पचड़े में नहीं फंसे। कर्नाटक के बीदर जिला स्थित वारावत्ती में खड़गे का जन्म हुआ था। उन्होंने गुलबर्ग में ही स्कूली पढ़ाई पूरी की। साथ ही ग्रेजुएशन व कानून की पढ़ाई भी की। राजनीति में कदम रखने से पहले कुछ थी कानून की प्रैक्टिस भी की। बौद्ध धर्म के अनुयायी खड़गे ने 1968 में राधाबाई से विवाह किया। इनके तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। इनमें से एक प्रियांक खड़गे विधायक हैं।

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