यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shashi Tharoor Profile: पार्टी में बदलाव की आवाज बुलंद करते रहे हैं शशि थरूर, पूर्व राजनयिक का सियासी सफरनामा
शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद (Congress president) के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। थरूर का कहना है कि मैं भारत के ...और पढ़ें

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस के अध्यक्ष पद (Congress president) के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक नामांकन दाखिल करने से पहले शशि थरूर ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। थरूर ने कहा कि मैं भारत के मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर राष्ट्र के तौर पर दुनिया का नंबर वन देश बनने का सपना देखता हूं। आइए जानें कैसा रहा है शशि थरूर का सियासी सफर...
बेस्टसेलर लेखक और पूर्व राजनयिक
शशि थरूर राजनेता के साथ साथ एक बेस्टसेलर लेखक और पूर्व राजनयिक भी हैं। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनयिक शशि थरूर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। सोशल मीडिया पर उनके 8.3 मिलियन फालोवर हैं।
कांग्रेस में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं थरूर
66 साल के शशि थरूर ने कांग्रेस में कई बड़ी भूमिकाएं निभाई हैं। वह 2009 से केरल के तिरुवनंतपुरम से लोक सभा सांसद हैं। छात्र राजनीति से निकले थरूर कॉलेज के समय से ही क्विज और डिबेट जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहते थे।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की अच्छी समझ
शशि थरूर को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की अच्छी समझ है। उन्होंने एक राजनयिक के तौर पर संयुक्त राष्ट्र में 29 साल तक काम किया है। कांग्रेस में G-23 समूह के नेताओं में शुमार थरूर तीन बार सांसद रह चुके हैं।
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पार्टी में बदलाव के समर्थक
थरूर पार्टी में आमूलचूल बदलाव के समर्थक रहे हैं। साल 2020 में शशि थरूर ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में बड़े पैमाने पर सुधारों की मांग की थी। वह लंबे समय से पार्टी के भीतर अध्यक्ष पद समेत स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराए जाने की सलाह देते रहे हैं।
यहां ली शिक्षा
1956 में लंदन में जन्मे थरूर ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इसी कॉलेज में वह छात्र संघ के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी, मेडफोर्ड, अमेरिका से मास्टर्स किया और 1978 में वहीं से पीएचडी भी पूरी की।
संयुक्त राष्ट्र में लंबा कार्यकाल
संयुक्त राष्ट्र में शशि थरूर का लंबा कार्यकाल रहा। एक राजनयिक के तौर पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अपने कार्यकाल के दौरान शीत युद्ध के बाद शांति एवं संचार के लिए अवर महासचिव के रूप में अपनी भूमिका के अलावा महासचिव के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
यूपीए सरकार में निभाई अहम जिम्मेदारियां
वर्ष 2006 में शशि थरूर को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद के लिए भारत ने आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में चुना था। इस चुनाव में सात उम्मीदवारों में वह दूसरे स्थान पर रहे। दक्षिण कोरिया के पूर्व राजनयिक और राजनेता बान की-मून ने यह चुनाव जीता था। सेवानिवृत्त होने के बाद साल 2009 में वह कांग्रेस के टिकट पर पहली बार तिरुवनंतपुरम से सांसद के रूप में चुने गए। इसके साथ ही देश की सक्रिय राजनीति में उनकी एंट्री हुई। वह यूपीए सरकार में विदेश राज्य मंत्री के तौर पर भी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।