अमृतसर में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी का जश्न, विजय मार्च निकालकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने अमृतसर में विजय मार्च निकाला। नेताओं ने इसे विद्यार्थियों और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।

अमृतसर में हॉल गेट के बाहर एकत्रित आम आदमी पार्टी के नेता व वर्कर।
HighLights
आप ने अमृतसर में विजय मार्च निकालकर जश्न मनाया।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा विद्यार्थियों के आंदोलन की जीत बताया।
पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर दबाव का दावा किया।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने शनिवार को अमृतसर में विजय मार्च निकालकर जश्न मनाया। भंडारी पुल से हाल गेट तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। मार्च के दौरान नेताओं ने विद्यार्थियों के आंदोलन को इस घटनाक्रम का कारण बताते हुए इसे लोकतंत्र और युवाओं की बड़ी जीत बताया।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले विद्यार्थी आंदोलन और देशभर से मिले समर्थन के कारण केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा। उनका कहना था कि विद्यार्थियों की एकजुटता के आगे केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। नेताओं ने मांग की कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए।
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सोनिया मान ने इसे युवाओं की जीत बताया
राजासांसी हलके की पार्टी प्रभारी सोनिया मान ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं और विद्यार्थियों के हाथ में है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही विद्यार्थियों के आंदोलन के साथ खड़ी रही। उनके अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों, किसानों और अन्य वर्गों के समर्थन ने इस आंदोलन को मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले विद्यार्थियों की जीत पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण संदेश है।
विधायक और पार्टी के पंजाब प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह देशभर के विद्यार्थियों की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने आंदोलन की आवाज दबाने का प्रयास किया, लेकिन लोकतंत्र की ताकत के सामने उसे झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।
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सुनी गई युवाओं की आवाज
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया और अंततः उनकी आवाज सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को रोकने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए, लेकिन अंत में जनदबाव के आगे सरकार को निर्णय लेना पड़ा।
इस दौरान फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा दी गई सभी नौकरियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में किसी भी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।
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