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    ASI जोगा सिंह हत्याकांड का TTH ने वीडियो किया जारी, नए आतंकी संगठन की जांच जारी; ISI कनेक्शन की आशंका गहराई

    Updated: Wed, 27 May 2026 06:27 PM (IST)

    अमृतसर के मजीठा में एएसआई जोगा सिंह हत्याकांड का 27 सेकंड का वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम ...और पढ़ें

    वीडियो में हमलावरों ने स्कूटर चला रहे जोगा सिंह को निशाना बनाया। गिरने के बाद भी सीने पर चलाई गोलियां।

    वीडियो में हमलावरों ने स्कूटर चला रहे जोगा सिंह को निशाना बनाया। गिरने के बाद भी सीने पर चलाई गोलियां।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर के मजीठा इलाके में पंजाब पुलिस के ट्रैफिक विंग में तैनात एएसआई जोगा सिंह की हत्या के मामले में अब नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। हत्याकांड के बाद तहरीक-ए-तालिबान (TTH) हिंदुस्तान नामक संगठन की ओर से 27 सेकंड का कथित लाइव वीडियो जारी किया गया है।

    वीडियो सामने आने के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। एजेंसियों को शक है कि यह कोई स्थापित आतंकी संगठन नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा पंजाब में डर और अस्थिरता फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा नया प्रॉक्सी नेटवर्क हो सकता है।

    जानकारी के अनुसार गुरदासपुर जिले के गांव घनिये के बांगर निवासी एएसआई जोगा सिंह की रविवार सुबह करीब छह बजे मजीठा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान की अल-बरक ब्रिगेड ने हत्या की जिम्मेदारी ली।

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    27 सेकेंड का वीडियो किया गया जारी

    अब इसी मामले में एक 27 सेकंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें एएसआई जोगा सिंह पर हमला और हत्या की घटना दिखाई गई है। वीडियो में दिखाया गया है कि एएसआई जोगा सिंह अपने स्कूटर पर जा रहे थे, इसी दौरान उन पर गोलियां चलाई गईं। हमलावर यहां भी नहीं रुके। 

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    खेत में गिर जाने के बाद भी हमलावरों ने उनके पास आकर छाती पर गोलियां मारी। हालांकि दैनिक जागरण इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। जांच एजेंसियां इसकी तकनीकी जांच में जुट गई हैं।

    तकनीकी तरीके से जांच जारी

    सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में कुछ इंटरनेट अकाउंट विदेशी सर्वर से जुड़े मिले हैं। एजेंसियां पोस्ट और वीडियो के डिजिटल ओरिजिन तथा आईपी ट्रेल को ट्रैक कर रही हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े आतंकी नेटवर्क, ट्रेनिंग मॉड्यूल या जमीनी ढांचे की पुष्टि नहीं हुई है। यही कारण है कि जांच एजेंसियां इसे पंजाब में भय का माहौल पैदा करने की नई रणनीति मान रही हैं।

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    पहले भी पुलिसकर्मी बनाए गए निशाना

    गौरतलब है कि फरवरी 2026 में गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती गांव आदियां स्थित पुलिस चेकपोस्ट पर तैनात एएसआई और होमगार्ड जवान की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना के बाद भी अल-बुर्क ब्रिगेड नाम से इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट जारी कर जिम्मेदारी ली गई थी और पंजाब पुलिस को धमकी दी गई थी।

    अब लगातार दूसरी बार इसी तरह के नाम सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। खुफिया विभाग का मानना है कि नए आतंकी नामों और इंटरनेट मीडिया पोस्ट के जरिए पंजाब में डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

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