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    कनाडा की रिपोर्ट से खुलासा, छात्र-वर्क परमिट का दुरुपयोग कर फैला लॉरेंस गैंग, अहम भूमिका में रहा गोल्डी बराड़

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 05:24 PM (IST)

    कनाडा की सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र और वर्क परमिट कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर संगठित अपराध नेटवर्क ने अपनी पहुंच बढ़ाई। ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने कनाडा में छात्र और वर्क परमिट का दुरुपयोग किया।

    2. गोल्डी बराड़ ने 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा आकर नेटवर्क बनाया।

    3. कनाडा में अस्थायी आव्रजन कार्यक्रमों की सुरक्षा जांच पर नई बहस छिड़ी।

    डिजिटल डेस्क, अमृतसर। कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी की एक गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क ने छात्र और वर्क परमिट कार्यक्रमों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर कनाडा में अपनी गतिविधियां बढ़ाईं। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद कनाडा में अस्थायी आव्रजन कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

    कनाडा सीमा सुरक्षा एजेंसी की तैयार की गई एक गोपनीय सामरिक रिपोर्ट, जिसे कनाडा के मीडिया संस्थानों ने प्रकाशित किया है, में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कनाडा में सक्रियता लगातार बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह ने विशेष रूप से दक्षिण एशियाई समुदायों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कनाडा के छात्र और वर्क परमिट कार्यक्रमों का कथित रूप से इस्तेमाल किया।

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    वर्षों की जांच के बाद हुई पहचान

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल के वर्षों में जांच एजेंसियों ने ऐसे कई मामलों की पहचान की, जिनमें अध्ययन या कार्य अनुमति पर कनाडा पहुंचे कुछ भारतीय नागरिक संगठित अपराध से जुड़े पाए गए। एजेंसी का कहना है कि इससे सीमा सुरक्षा और आव्रजन जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, इस नेटवर्क के विस्तार के साथ ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा और ओंटारियो प्रांतों में व्यापारियों से रंगदारी मांगने के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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    गोल्डी बराड़ ने नेटवर्क बढ़ाने में अहम भूमिका

    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि वर्ष 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा पहुंचे गोल्डी बराड़ ने वहां नेटवर्क खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि इन दावों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

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    सीमा सुरक्षा एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्थायी वीजा या परमिट पर आने वाले लोगों की बड़ी संख्या के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रभावी जांच और निगरानी करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। एजेंसी ने इस स्थिति को कानून प्रवर्तन और सीमा प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बताया है।

    कनाडा सरकार कर चुकी आतंकवादी संगठन घोषित

    गौरतलब है कि कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इसके बाद से इस नेटवर्क से जुड़े मामलों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और कार्रवाई लगातार बढ़ाई गई है।

    रिपोर्ट सामने आने के बाद कनाडा में छात्र और वर्क परमिट कार्यक्रमों की समीक्षा तथा सुरक्षा जांच को और सख्त किए जाने की संभावना पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है और जांच एजेंसियां इस दिशा में आगे भी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं।

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