कस्टम्स ने अमृतसर एयरपोर्ट पर चार हाईटेक ड्रोन किए जब्त; कुआलालंपुर से फ्लाइट में यात्री लाया साथ
अमृतसर कस्टम्स ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 4 फरवरी 2026 को कुआलालंपुर से आए एक यात्री से चार हाई-टेक DJI Matrice 4T ड्रोन जब्त कि ...और पढ़ें

कस्टम विभाग की तरफ से जब्त किए गए ड्रोन।
HighLights
अमृतसर एयरपोर्ट पर चार हाईटेक ड्रोन जब्त।
कुआलालंपुर से आए यात्री से बरामद हुए।
सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) अमृतसर और एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) से मिली विशिष्ट सूचना के आधार पर कस्टम्स विभाग अमृतसर ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अत्याधुनिक ड्रोन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई 4 फरवरी 2026 को की गई, जब कुआलालंपुर से फ्लाइट संख्या AK-94 के जरिए अमृतसर पहुंचे एक यात्री की तलाशी ली गई।
कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान यात्री के सामान से चार DJI Matrice 4T मॉडल के ड्रोन और उनके रिमोट कंट्रोल बरामद किए गए। इन ड्रोन की अनुमानित कीमत करीब 23.40 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यात्री ने इन ड्रोन को बिना वैध अनुमति और घोषणा के भारत लाने का प्रयास किया था।
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निगरानी व मैपिंग में प्रयोग होते हैं ड्रोन
अधिकारियों ने बताया कि DJI Matrice 4T श्रेणी के ड्रोन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होते हैं और इनका उपयोग निगरानी, मैपिंग और अन्य संवेदनशील कार्यों में किया जा सकता है। ऐसे में इनका अवैध तरीके से देश में लाया जाना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान की तरफ से हो रही तस्करी में भी इन्हीं ड्रोन का इस्तेमाल होता है।
कस्टम्स विभाग ने ड्रोन और संबंधित उपकरणों को कस्टम्स एक्ट के तहत जब्त कर लिया है और यात्री से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि ड्रोन किस उद्देश्य से लाए जा रहे थे और इनके पीछे किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
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जांच का विषय बने ड्रोन
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि इन ड्रोन का इस्तेमाल किसी आपराधिक या राष्ट्र विरोधी गतिविधि में तो नहीं किया जाना था। डीआरआई और एआईयू की टीमें संयुक्त रूप से पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
कस्टम्स अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर निगरानी और सख्त की गई है और तस्करी या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।