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    पाकिस्तान से खालसा साजना दिवस मना लौटे श्रद्धालु, अटारी सीमा पर जोरदार स्वागत, बोले सो निहाल से गूंजा माहौल

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 04:34 PM (GMT+05:30)

    पाकिस्तान में खालसा साजना दिवस मनाकर श्रद्धालु अटारी सीमा के रास्ते भारत लौटे। सीमा पर उनका स्वागत किया गया और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सुरक्षित ...और पढ़ें

    पाकिस्तान से लौटे श्रद्धालु।

    पाकिस्तान से लौटे श्रद्धालु।

    HighLights

    1. पाकिस्तान से खालसा साजना दिवस मनाकर लौटे सिख श्रद्धालु।

    2. अटारी सीमा पर सुरक्षा बलों ने किया गर्मजोशी से स्वागत।

    3. "बोले सो निहाल" के जयकारों से गूंज उठा पूरा माहौल।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। पाकिस्तान में खालसा साजना दिवस यानी वैशाखी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने के बाद सिख श्रद्धालुओं का जत्था अब भारत लौटने लगा है। अंतरराष्ट्रीय अटारी सीमा के रास्ते लौट रहे श्रद्धालुओं का सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

    जानकारी के अनुसार जत्थे में शामिल कुछ श्रद्धालु भारत पहुंच चुके हैं, जबकि बाकी श्रद्धालु भी क्रमवार लौट रहे हैं। जीरो रेखा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और उन्हें सुरक्षित भारत की ओर रवाना किया।

    अटारी स्थित एकीकृत जांच चौकी पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। यहां आव्रजन और सीमा शुल्क विभाग के कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई थी, ताकि लौटने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके। आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य की ओर भेजा गया।

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    लौटे श्रद्धालुओं ने बताए अनुभव

    पाकिस्तान से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि खालसा साजना दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में संगत विभिन्न देशों से पहुंची थी। सभी ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ पर्व मनाया। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस धार्मिक यात्रा से उन्हें आध्यात्मिक शांति और संतोष की अनुभूति हुई।

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    सीमा पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों के साथ अपने भाव प्रकट किए, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और उल्लास से भर गया। इसके बाद सभी श्रद्धालु बसों में सवार होकर अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गए।

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    श्रद्धालुओं के लिए किए पुख्ता इंतजाम

    प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहीं। इस पूरी प्रक्रिया ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं के दौरान सहयोग और समन्वय की अहमियत को उजागर किया है।

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