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    गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार विधेयक 2026 का कांग्रेस विधायक बाजवा ने किया स्वागत, बोले नीयत साफ हो तभी असर दिखेगा

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 03:05 PM (IST)

    विपक्ष नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बेअदबी कानून का स्वागत किया, लेकिन सरकार की नीयत और कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने 2015 मामलों में अब तक दोषियों को ...और पढ़ें

    विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा।

    विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा।

    HighLights

    1. राज्यपाल ने जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब कानून को मंजूरी दी।

    2. बाजवा ने कानून का स्वागत किया, पर ईमानदारी से लागू करने पर जोर।

    3. बहबलकलां, कोटकपूरा गोलीकांड में न्याय में देरी पर उठाए सवाल।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद जहां सरकार इसे बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने इस कानून का स्वागत किया है।

    बाजवा ने कहा कि किसी भी कानून का वास्तविक महत्व तभी होता है, जब उसे पूरी ईमानदारी और सख्ती से लागू किया जाए। केवल कानून बना देने से हालात नहीं बदलते, बल्कि उसके लिए ठोस कदम उठाने जरूरी होते हैं। उन्होंने पंजाब सरकार को सलाह दी कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करें और केवल सुर्खियां बटोरने तक सीमित न रहें।

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    पंजाब के लोगों को न्याय का इंतजार

    विपक्ष के नेता ने 2015 में हुए बहबलकलां और कोटकपूरा गोलीकांड का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के लोग आज भी उन मामलों में न्याय का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने साल बीत जाने के बावजूद दोषियों को सजा क्यों नहीं मिल पाई।

    बाजवा ने पूर्व पुलिस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और इसे दबाकर रखा गया है। इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

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    मामलों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करें

    इसके अलावा उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं के उस पुराने वादे की भी याद दिलाई, जिसमें 48 घंटे के भीतर दोषियों को सजा दिलाने की बात कही गई थी। बाजवा ने कहा कि अब 48 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न्याय अब तक अधूरा है।

    उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह केवल कानून बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि पुराने मामलों में भी तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करे। तभी लोगों का भरोसा कानून और व्यवस्था पर मजबूत होगा।

    इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बेअदबी के मुद्दे पर बहस तेज होने की संभावना है। विपक्ष जहां सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार के लिए भी अब इस कानून को प्रभावी तरीके से लागू करना बड़ी चुनौती होगी।

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