24 अप्रैल रात 8 बजे बजेगा सायरन, अमृतसर में होगा ब्लैकआउट; जानिए क्या करना है और क्या नहीं
अमृतसर में 24 अप्रैल रात 8 बजे सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगी। सायरन बजेगा, कुछ समय के लिए लाइटें बंद रहेंगी। प्रशासन ने कहा घबराएं नहीं, यह केवल आपात तै ...और पढ़ें

ऑपरेशन सिंदूर से पहले अमृतसर के गोल्डन टेंपल में रिहर्सल के दौरान बंद लाइटें। (फाइल फोटो)
HighLights
24 अप्रैल रात 8 बजे अमृतसर में अभ्यास।
सायरन बजेगा, कुछ देर के लिए बिजली बंद।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की जांच।
डिजिटल डेस्क, अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में 24 अप्रैल 2026 को रात 8 बजे सिविल डिफेंस की ओर से एक महत्वपूर्ण अभ्यास किया जाएगा। यह अभ्यास शहर के रंजीत एवेन्यू स्थित पायटेक्स मैदान में आयोजित होगा। इस दौरान सायरन बजाकर लोगों को चेतावनी संकेत दिया जाएगा, जिससे पूरे इलाके में कुछ समय के लिए अलर्ट जैसा माहौल बनेगा।
प्रशासन ने साफ किया है कि यह केवल एक अभ्यास है और लोगों को किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की जांच करना है।
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गैर जरूरी लाइटें बंद रखने का आदेश
सहायक आयुक्त प्रगति सेठी और जिला कमांडर मनप्रीत सिंह रंधावा ने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा तय की। उन्होंने बताया कि सायरन बजने के साथ ही अभ्यास की शुरुआत होगी और निर्धारित क्षेत्र में कुछ समय के लिए बिजली बंद की जाएगी। इस दौरान लोगों से अपील की गई है कि वे गैर जरूरी लाइटें बंद रखें और प्रशासन का सहयोग करें।
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मॉक ड्रिल के दौरान अफवाहों से बचने के आदेश
अभ्यास के दौरान आग बुझाने, खोज और बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण जैसे कार्यों की प्रतीकात्मक तैयारी दिखाई जाएगी। इसमें सिविल डिफेंस कर्मियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे।
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अभ्यास खत्म होने के बाद लगातार दो मिनट तक तेज सायरन बजाकर “सब ठीक है” का संकेत दिया जाएगा। इससे लोगों को यह जानकारी मिल जाएगी कि अभ्यास समाप्त हो चुका है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान अफवाहों से बचें और किसी भी तरह की गलत जानकारी न फैलाएं। यह एक नियमित प्रक्रिया है, जो हर साल अप्रैल और नवंबर में देशभर में करवाई जाती है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी मजबूत की जा सके।