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    पंजाब में मनरेगा मजदूर किसान बचाओ रैली; राहुल-खरगे का सरकार पर प्रहार, ट्रेड डील और नशे पर उठाए सवाल

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 11:39 AM (IST)

    बरनाला रैली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र व पंजाब सरकार पर तीखे आरोप लगाए। ट्रेड डील, नशा, कानून व्यवस्था और रंगदारी के मुद्दों पर सर ...और पढ़ें

    HighLights

    1. खरगे ने पंजाब में कानून-व्यवस्था, नशे पर AAP-BJP को घेरा।

    2. PM मोदी को "सरेंडर मोदी" कहा, सीमा सुरक्षा पर उठाए सवाल।

    3. रैली 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों की रणनीतिक शुरुआत मानी जा रही है।

    जागरण संवाददाता, बरनाला। बरनाला की अनाज मंडी में आयोजित कांग्रेस की “मनरेगा मजदूर किसान बचाओ” रैली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने जैसे ही मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिया, पंडाल में जोरदार शोर गूंज उठा।

    राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, गाजा में संघर्ष हो रहा है और वैश्विक स्तर पर अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में सबसे बड़ी ताकत डेटा है।

    पिछली सदी को उन्होंने तेल की सदी बताया, जब सऊदी अरब, अमेरिका, रूस और ईरान जैसे देशों के पास तेल होने के कारण वैश्विक प्रभाव था। अब समय बदल चुका है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा डिजिटल तकनीक के लिए बड़े पैमाने पर डेटा की जरूरत होती है।

    राहुल गांधी ने कहा कि भारत जैसे देश के पास करोड़ों लोगों का डेटा है, जो एक बड़ी पूंजी है। जब लोग मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप का उपयोग करते हैं, तो उससे बनने वाला डेटा देश की संपत्ति है। उनका कहना था कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में देश के डेटा और डिजिटल संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

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    उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की एक व्यापारिक डील में डेटा से जुड़े प्रावधानों पर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं दिखाई गई और विदेशी कंपनियों को टैक्स में राहत देने जैसे फैसले किए गए। अपने भाषण में राहुल गांधी ने यह भी दोहराया कि देश की नींव किसान और मजदूर हैं। खाद्य सुरक्षा के बिना मजबूत राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती।

    हरित क्रांति में पंजाब के किसानों और मजदूरों की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठाए, जिनमें सीमा पर हालात और सैन्य नेतृत्व के अनुभवों का उल्लेख शामिल था। उनका कहना था कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट नीति और जवाबदेही आवश्यक है। 

    अंत में राहुल ने पार्टी के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि टीम के मजबूत प्लेयर बनो नहीं तो बाहर बैठा दिए जाओगे। कांग्रेस की शक्ति कार्यकर्ता है, कोई नेता नहीं। 

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    Barnala rahul gandhi

    मंच से संबोधन करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे।

    खरगे ने नशे व कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

    वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में गोलियां चल रही हैं और आम आदमी पार्टी की सरकार हालात संभालने में नाकाम रही है, यहां तक कि उसे भाजपा की “बी टीम” बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए खड़गे ने उन्हें “सरेंडर मोदी” कहा और आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मामलों में डोनाल्ड ट्रंप के रुख के अनुसार फैसले लेते हैं।

    उन्होंने अपने निजी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मां ने बर्तन साफ कर उन्हें पाला है। खड़गे ने पंजाब में बढ़ते नशे पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि सीमाओं से आ रही तस्करी रोकने में केंद्र सरकार विफल है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि यदि सीमा सुरक्षा मजबूत है तो नशा क्यों नहीं रुक रहा, साथ ही व्यापारियों को मिल रही रंगदारी की धमकियों पर भी चिंता जताई।

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    चुनावों की रणनीतिक शुरुआत

    राहुल गांधी इस रैली में मनरेगा कानून में प्रस्तावित बदलावों, मजदूरों के अधिकारों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा हैं। साथ ही भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापारिक संधि को लेकर भी कांग्रेस की आपत्तियां सामने रखी गई। 

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह रैली सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की रणनीतिक शुरुआत मानी जा रही है। बरनाला सीट पर 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। अब कांग्रेस इसी जमीन को मजबूत करने और आम आदमी पार्टी को चुनौती देने की तैयारी में है।

    barnala rahul relly

    रैली में पहुंचे लोग व कांग्रेस कार्यकर्ता।

    सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजार, ट्रेफिक रूट डायवर्ट

    राहुल गांधी की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रैली स्थल और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी व्यवस्था की है। प्रवेश द्वारों पर चेकिंग की जा रही है और ट्रैफिक रूट भी डायवर्ट किए गए हैं।
    रैली को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरम है।

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