दिल्ली पुलिस अधिकारी बन किया फोन, 35 लाख रुपये गंवा बैठा बठिंडा का कारोबारी; आधार कार्ड के नाम पर बिछाया जाल
दिल्ली पुलिस अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बन साइबर ठगों ने आधार कार्ड के दुरुपयोग का डर दिखाकर बठिंडा ...और पढ़ें

ये AI जनरेटेडट इमेज है।
HighLights
बठिंडा के व्यक्ति से 35 लाख की साइबर ठगी।
ठगों ने दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर आधार कार्ड का डर दिखाया।
साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। फोन पर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर आधार कार्ड के दुरुपयोग का डर दिखाने वाले साइबर ठगों ने बठिंडा के एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपितों ने खुद को अलग-अलग केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को लगातार मानसिक दबाव में रखा और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाते हुए चरणबद्ध तरीके से कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली।
जब ठगों ने और पैसे की मांग शुरू की तो पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सराभा नगर निवासी ओम कुमार ने बताया कि 13 जुलाई को उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है। साथ ही दावा किया कि उसके नाम पर आपराधिक गतिविधियों की जांच चल रही है और यदि उसने जांच में सहयोग नहीं किया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ठग ने बनाया मानसिक दबाव
पीड़ित ने बताया कि पहली कॉल के बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कई लोगों ने उससे संपर्क किया। सभी ने स्वयं को विभिन्न सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए बातचीत की। आरोपितों ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा। जांच और सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला देकर उससे कहा गया कि अपनी रकम सुरक्षित रखने और जांच पूरी कराने के लिए निर्धारित बैंक खातों में पैसे जमा कराने होंगे।
कार्रवाई के डर से करवाए पैसे ट्रांसफर
कार्रवाई के डर और लगातार बनाए गए दबाव के चलते ओम कुमार ने अलग-अलग चरणों में कुल 35 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद आरोपितों ने उससे और अधिक रकम की मांग शुरू कर दी। इसी दौरान उसे संदेह हुआ। उसने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह शातिर साइबर ठगों के जाल में फंस चुका है। इसके बाद उसने तुरंत साइबर क्राइम थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई।
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पुलिस ने जांच की शुरू
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की अपील, 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति फोन पर खुद को पुलिस, केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग या किसी अन्य सरकारी संस्था का अधिकारी बताकर कार्रवाई का डर दिखाए, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। किसी भी स्थिति में फोन पर पैसे ट्रांसफर न करें और न ही बैंक खाते, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा करें।
ऐसे मामलों में तुरंत कॉल काटकर साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई राशि को बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
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