बठिंडा में किसानों व पुलिस के बीच झड़प; डीसी दफ्तर घेराव के लिए आ रहे थे, रोकने के लिए छोड़े आंसू गैस के गोले
बठिंडा में गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग को लेकर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। डीसी कार्यालय घेराव के लिए बढ़ रहे किसानों को जिउंद गांव के पास ...और पढ़ें

किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले।
HighLights
गिरफ्तार किसानों की रिहाई को लेकर बठिंडा में झड़प।
डीसी कार्यालय घेराव के लिए बढ़ रहे किसानों पर आंसू गैस।
पुलिस ने नाकाबंदी की, पूरे पंजाब से किसान एकत्र।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बठिंडा में आज, बुधवार, माहौल गरमाया हुआ है। बठिंडा की ओर बढ़ रहे किसानों और पुलिस के बीच जिउंद गांव के पास झड़प हो गई। किसान डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के घेराव के लिए एकत्र हो रहे थे, तभी पुलिस ने गांव को घेर लिया।
आगे बढ़ने से रोके जाने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। झड़प के दौरान कुछ किसानों को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने नाकाबंदी और बल प्रयोग कर किसानों को बठिंडा की ओर बढ़ने से रोक दिया, जबकि किसान आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे।
जानकारी के अनुसार, किसान पूरे पंजाब से बठिंडा पहुंच रहे हैं। विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि जब तक उनके साथियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले के सभी प्रमुख बॉर्डरों पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि बाहर से आने वाले किसानों पर नजर रखी जा सके। शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर चेकिंग की जा रही है।
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बरनाला में किसानों को रोकने के लिए तैनात पुलिस।
घरों में छापेमारी कर रही पुलिस
किसानों ने आरोप लगाया है कि उन्हें डीसी दफ्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस उनके घरों में भी छापेमारी कर रही है। कई किसानों का दावा है कि रात के समय पुलिस ने उनके घरों पर दबिश दी और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एहतियात के तौर पर की जा रही है।
गौरतलब है कि 6 फरवरी को भी किसानों ने डीसी दफ्तर के घेराव का ऐलान किया था। उस समय रामपुर के पास किसानों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, जिसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई थी।
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बठिंडा की तरफ जाते रास्तों पर लगे हाईटेक नाके
बरनाला के गांव जिउंद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो किसानों की रिहाई की मांग को लेकर किसान यूनियन द्वारा बठिंडा के डीसी दफ्तर समक्ष रोष धरना दिया जाना है। किसानों के प्रदर्शन को रोकने के लिए एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम के नेतृत्व में बरनाला पुलिस ने तपा हाईवे पर स्थित हाईटेक नाके पर नाका लगाए हुए हैं। किसान पूरे पंजाब से बठिंडा में पहुंच रहे हैं।
जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
इस बार प्रशासन पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन किसी भी तरह की कानून व्यवस्था भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। किसानों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। वहीं प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
