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    'मैं इस्तीफा नहीं दूंगा', राजा वड़िंग की दोटूक; बठिंडा में कांग्रेस बैठक में फिर गूंजे चन्नी जिंदाबाद के नारे

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 05:19 PM (IST)

    बठिंडा में कांग्रेस के सम्मेलन में राजा वड़िंग के संबोधन के दौरान पूर्व सीएम चन्नी के समर्थन में नारे लगे। वड़िंग ने इस्तीफे से इनकार किया और भूपेश बघ ...और पढ़ें

    बठिंडा पहुंचे प्रदेश प्रभारी भुपेश बघेल व कांग्रेस पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

    बठिंडा पहुंचे प्रदेश प्रभारी भुपेश बघेल व कांग्रेस पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

    HighLights

    1. बठिंडा कांग्रेस सम्मेलन में चन्नी समर्थकों ने नारेबाजी की।

    2. राजा वड़िंग ने इस्तीफे की अटकलों को सिरे से खारिज किया।

    3. भूपेश बघेल ने मतभेदों को सामान्य बताकर एकजुटता पर जोर दिया।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा के गोनियाना में सोमवार को आयोजित कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पार्टी की अंदरूनी हलचल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। कार्यक्रम में उस समय माहौल बदल गया, जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग संबोधन के लिए खड़े हुए और सभा में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए।

    उस समय मंच पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। नारेबाजी कुछ समय तक जारी रही। स्थिति को सहज बनाने के लिए राजा वड़िंग ने नारे लगा रहे एक कार्यकर्ता को मंच पर बुला लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि वह चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगाना चाहता है तो मंच से ही लगाए।

    इसके बाद कार्यकर्ता ने मंच से नारे लगाए। राजा वड़िंग ने उससे यह भी कहा कि वह वहीं से चरणजीत सिंह चन्नी को फोन लगाए। कार्यकर्ता ने फोन मिलाने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस घटनाक्रम के बाद कुछ चन्नी समर्थक कार्यक्रम स्थल से बाहर भी चले गए।

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    bathinda raja warring

    मंच से बोलते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

    मंच से वड़िंग ने पक्ष किया साफ

    कार्यक्रम के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में जब अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से पूछा गया कि क्या उनके इस्तीफे से पार्टी का अंदरूनी विवाद समाप्त हो सकता है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगा।" उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कभी यह निर्णय लेती है कि उन्हें पद छोड़ना चाहिए, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह कांग्रेस के लिए काम करेंगे।

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    उन्होंने यह भी कहा कि किसी नेता के समर्थन में नारे लगना स्वाभाविक बात है और वह स्वयं भी पहले चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगा चुके हैं।

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    मतभेदों पर बोलने से बचे बघेल

    वहीं, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने पूरे घटनाक्रम को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है और नेताओं के बीच मतभेद होना असामान्य बात नहीं है। उनका कहना था कि सभी मतभेद बातचीत के माध्यम से दूर किए जाएंगे और संगठन को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

    भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना और राज्य में फिर से सरकार बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस के सिपाही हैं और पार्टी हित सर्वोपरि है।

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