पंजाब में सियासी हलचल तेज, भाजपा ने राज्यपाल के सामने रखी जांच की मांग; सुरक्षा और पुलिस पर उठे सवाल
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्यप्रणाली और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने निष्पक्ष जांच और पारद ...और पढ़ें

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ व अन्य भाजपा नेता।
HighLights
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की।
प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर चिंता जताई।
पुलिस के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में सियासी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ की अगुवाई में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात कर राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और पुलिस के कामकाज को लेकर कई गंभीर चिंताएं जताईं।
भाजपा द्वारा सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि पंजाब में शासन व्यवस्था और संवैधानिक मर्यादाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने राज्यपाल से आग्रह किया कि इन मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। भाजपा का आरोप है कि राज्य में नेताओं और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों को दी जाने वाली सुरक्षा में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
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राज्यसभा सदस्यों की सुरक्षा वापस लेने के आरोप
पत्र में उल्लेख किया गया कि कुछ राज्यसभा सदस्यों की सुरक्षा अचानक वापस ले ली गई, जबकि अन्य मामलों में सुरक्षा बहाल किए जाने के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सुरक्षा का आधार केवल खतरे का आकलन होना चाहिए, न कि किसी प्रकार की राजनीतिक स्थिति।
इसके अलावा भाजपा ने पुलिस और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई है। पार्टी का आरोप है कि राज्य में विरोधी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के मामलों को लेकर निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। ज्ञापन में कुछ उदाहरण देते हुए कहा गया कि विभिन्न मामलों में दर्ज प्राथमिकी और कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टि से देखा जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था पर आम लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
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पुलिस का प्रयोग कानून व्यवस्था में हो
भाजपा ने राज्यपाल से मांग की कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और संबंधित अधिकारियों से जवाब लिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का उपयोग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए होना चाहिए, न कि किसी प्रकार के दबाव या पक्षपात के लिए।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पंजाब एक संवेदनशील राज्य है, जहां आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार की चुनौतियां हैं। ऐसे में शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
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