पंजाब विधानसभा में आखिरी दिन हंगामा, GST-ठेका कर्मियों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े 8 बिल पेश; कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में आज 8 महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूश ...और पढ़ें

विधानसभा में बोलते हुए सीएम भगवंत मान। फोटो जागरण
HighLights
स्कूल फीस वृद्धि पर 5% की सीमा तय करने वाला विधेयक पेश।
मानसून सत्र के अंतिम दिन 8 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा।
विपक्ष ने बाहरी नौकरियों, बाढ़ और परिसीमन जैसे मुद्दे उठाए।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन भगवंत मान सरकार की ओर से कुल 9 विधेयक पेश किए गए। आखिरी दिन भी विपक्ष आक्राम नजर आया। मंत्री हरजोत बैंस ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) पेश किया। जिसके बाद सीएम भगवंत मान ने इस पर विचार रखे।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश पंजाब फीस संशोधन विधेयक, 2026 के तहत प्राइवेट शिक्षण संस्थान सालाना अधिकतम 5% ही फीस बढ़ा सकेंगे, जिसके लिए 90 दिन पहले अभिभावकों को नोटिस और वेबसाइट पर जानकारी देना अनिवार्य होगा।
वहीं, कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने सुप्रीम कोर्ट की 8% कैपिंग गाइडलाइन का हवाला देते हुए आप सरकार के दावों पर सवाल उठाए और उच्च न्यायालय में सरकार के जवाब का भी जिक्र किया।
वहीं, सीएम भगवंत मान ने स्पष्ट कर दिया कि स्कूल की तरफ से वसूली जाने वाले हर खर्च को स्कूल फीस माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तीन साल से पहले वर्दी नहीं बदली जाएगी। स्कूलों ने पेरेंट्स को कस्टमर बना रखा है।
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पंजाब मानसून सत्र में मौजूद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां।
बाढ़ पर भी हुई चर्चा
फिरोजपुर ग्रामीण विधायक रजनीश कुमार दहिया ने सतलुज नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ के खतरे और जर्जर ढांचों का मुद्दा उठाया। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि पिछले बाढ़ सीजन में कुछ पुराने ढांचे क्षतिग्रस्त हुए थे, हालांकि मुख्य सुरक्षा बंध पूरी तरह सुरक्षित है।
क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दी गई है। इसके अलावा, संवेदनशील स्थानों की समीक्षा के बाद करीब पांच करोड़ रुपये खर्च करके नए स्पर, जियो-बैग और स्टड बनाए गए हैं, जिससे गांवों की सुरक्षा मजबूत हुई है।
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परिसीमन का भी उठा मुद्दा
पंजाब विधानसभा में विधायक राणा इंदरप्रताप सिंह ने परिसीमन के बाद छोटे राज्यों के हित प्रभावित होने की आशंका जताई। उन्होंने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर राज्यसभा में सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने सुल्तानपुर लोधी में कथित मानव तस्करी का मुद्दा उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए और सरकार से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
बाजवा ने उठाया बाहरी नौकरियों का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग और बिजली बोर्ड जैसी सरकारी भर्तियों में पंजाबियों का हक मारकर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं।
जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि 237 पदों की भर्ती में पंजाब से पढ़े युवा शामिल हैं और सिर्फ बाहरी डिग्री के आधार पर किसी को बाहर नहीं किया जा सकता। इसके अलावा सदन में विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा, पेंशनरों की ऐप संबंधी समस्या और समाना के दुकानदारों के मुद्दे भी उठे।
विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उसे ‘झूठ का पुलिंदा’ और ‘गप्पे मारने वाली सरकार’ करार दिया।
विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार सदन में प्रश्नकाल के बाद गैर-सरकारी कार्य होगा। इसके बाद नियम 16 के तहत प्रस्ताव और फिर विधायी कामकाज लिया जाएगा। सरकार की ओर से कुल आठ विधेयक पेश करने और उन्हें विचार-विमर्श के बाद पारित कराने का प्रस्ताव है। कार्यसूची के अनुसार प्रश्नकाल में विभिन्न सदस्यों की ओर से जल संसाधन, किसानों और पीएसपीसीएल से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।

विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा व कांग्रेस विधायक प्रदर्शन करते हुए।
विधायक उठाएंगे विभिन्न मुद्दे
राणा इंदर प्रताप सिंह की ओर से जल संसाधन मंत्री का ध्यान पंजाब के किसानों और सतलुज दरिया से जुड़े मुद्दे की ओर दिलाया जाएगा। इसके अलावा जसविंदर सिंह खिलपुर की ओर से रोपड़ जिले में पेयजल से जुड़ी समस्या तथा किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया जाएगा।
गुरमीत सिंह की ओर से पीएसपीसीएल के बकाया बिजली बिलों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लागू करने की मांग से संबंधित ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद नियम 16 के तहत सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर कार्रवाई होगी।
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विधानसभा में मौजूद विपक्ष।
इन विधेयकों पर होगी कार्रवाई
आज विधानसभा में कुल 8 विधेयक पेश किए जाएंगे। जिन्हें दो चरणों में पेश किया जाएगा।
पहले चरण में-
- विधायी कामकाज के तहत सबसे पहले पंजाब कामन इंटरडिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर (रेगुलेशन एंड सिलेक्शन) सर्विस बिल, 2026 को पेश करने और विचार के बाद पारित करने का प्रस्ताव है।
- इसके बाद पंजाब गवर्नमेंट एंड टीचर्स एंड नान-टीचिंग एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (सेवा) बिल, 2026 पर कार्रवाई होगी।
- इसके अलावा कल्याण विभाग से संबंधित विधेयक, 2026 पर कार्य होगा।
- पंजाब एमेच्योर डिजिटल यूनिवर्सिटी विधेयक, 2026 पेश होंगे।
- विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयक, 2026 भी सदन में पेश किए जाएंगे।
दूसरे चरण में-
- पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन) बिल, 2026 पेश् होगा।
- पंजाब राज्य आउटसोर्समेंट पालिसी/ट्रांजिशन टू कांट्रैक्चुअल एंगेजमेंट बिल, 2026 पर कार्य होगा।
- पंजाब पंचायत राज (संशोधन) बिल, 2026 पेश किए जाने का प्रस्ताव कार्यसूची में शामिल है।
इस तरह आज सदन में प्रश्नकाल के साथ ही किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के अलावा कर व्यवस्था, संविदा नियुक्तियों, विश्वविद्यालयों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े विधायी प्रस्तावों पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा होने के आसार हैं।