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    पेपर लीक पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का दावा, बोले- साढ़े चार साल में एक भी प्रश्नपत्र नहीं हुआ लीक

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 05:38 PM (IST)

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि साढ़े चार साल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए नकल गिरोह पकड़ने की बात कही। ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री भगवंत मान।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान।

    HighLights

    1. सीएम मान ने साढ़े चार साल में पेपर लीक न होने का दावा किया।

    2. फार्मेसी अधिकारी परीक्षा में नकल का मामला था, पेपर लीक नहीं।

    3. विपक्ष के आरोपों को खारिज कर निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का आश्वासन दिया।

    डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के विपक्ष के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का एक भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में हुई फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं, बल्कि नकल का मामला सामने आया था, जिसे पुलिस ने कुछ ही मिनटों में पकड़कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान केवल एक नकल का मामला सामने आया था। उन्होंने बताया कि फिरोजपुर में एक अभ्यर्थी पेन कैमरे और परीक्षा के दौरान वास्तविक समय में उत्तर बताने की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और नकल करने वाले अभ्यर्थी के साथ पूरे अंतरराज्यीय गिरोह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

    उन्होंने कहा कि विपक्ष इस घटना को पेपर लीक बताकर युवाओं में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। सरकार की प्राथमिकता निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

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    केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे का भी किया जिक्र

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 68,585 युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने अपनी आवाज से एक जिद्दी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने दावा किया कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के कारण देशभर में 22 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी भी तरह का आर्थिक मुआवजा उन परिवारों को उनके बच्चे वापस लौटा सकता है।

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    नई पीढ़ी की क्षमता की सराहना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी में अपार प्रतिभा, ऊर्जा और नई सोच है। जरूरत केवल उन्हें सही दिशा देने की है। यदि युवाओं को उचित अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के टॉपर आर्यन गुप्ता का पंजाब से होना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। यह सरकारी स्कूलों और राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों का भी प्रमाण है।

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    विपक्ष लगातार साध रहा निशाना

    उधर, विपक्षी दल लगातार पंजाब सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया है। साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि यदि केंद्र में शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है तो पंजाब में भी बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को देखते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को पद छोड़ना चाहिए।

    हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए दोहराया कि राज्य में उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।

    (इनपुट- पीअीआई)

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