बाल विवाह के खिलाफ पंजाब सरकार का अभियान तेज, 5 शादियां रुकवाईं; 2076 अधिकारी रखेंगे रोकथाम पर नजर
पंजाब में पांच बाल विवाह समय रहते रुकवाए गए हैं। सरकार ने 172 जागरूकता शिविर लगाए और 2076 अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम की जिम्मेदारी सौंपी है।

कैबिनेट मिनिस्टर डॉ. बलजीत कौर।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में समय रहते हस्तक्षेप कर पांच बाल विवाह रुकवाए गए हैं। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अब तक 172 जागरूकता अभियान भी चलाए जा चुके हैं।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार बच्चों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और बाल विवाह को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए परिणाम-केंद्रित अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, बाल कल्याण समितियों, बाल विवाह रोकथाम अधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया गया है। किसी भी शिकायत पर तत्काल और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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अभिभावकों और पंचायतों को किया जागरूक
मंत्री ने बताया कि 172 जागरूकता शिविरों के दौरान अभिभावकों, पंचायतों, स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों को बाल विवाह के सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे इस कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। यदि किसी व्यक्ति को आसपास बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है तो वह तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दे सकता है या नजदीकी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी से संपर्क कर सकता है।
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2076 अधिकारी किए गए नामित
पूरे प्रदेश में 2076 अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। इनमें सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपल और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) शामिल हैं। सरकार का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार आधारित बचपन उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
