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पंजाब में वाहन चलाने वाले नाबालिग रहें सावधान! अब माता-पिता पर होगी कार्रवाई, सरकार ने किया सख्त एलान

Published: Wed, 22 Jul 2026 03:46 PM (IST)

पंजाब सरकार ने नाबालिगों के वाहन चलाने पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने का एलान किया है। पकड़े जाने पर ...और पढ़ें

वित्त मंत्री हरपाल चीमा।

वित्त मंत्री हरपाल चीमा।

HighLights

  1. नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

  2. माता-पिता या वाहन मालिक पर भी जिम्मेदारी तय होगी।

  3. भारी जुर्माना, पंजीकरण रद्द, 25 साल तक लाइसेंस नहीं।

रमनजीत सिंह मणकू, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो केवल उसी के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके माता-पिता, अभिभावक या वाहन मालिक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया तो जिम्मेदारी सीधे उसके माता-पिता, अभिभावक या वाहन मालिक पर तय होगी। नए नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी, जिनमें:

1. भारी जुर्माना मौके पर लगाया जाएगा
2. वाहन का रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द किया जा सकता है  
3. नाबालिग 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अयोग्य घोषित होगा

हरपाल सिंह चीमा ने कहा-

सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। नाबालिग ड्राइविंग सिर्फ नियम तोड़ना नहीं, बल्कि दूसरों की जान से खिलवाड़ है। इसलिए सरकार ने इसके खिलाफ सबसे सख्त कदम उठाया है।

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लोगों में जागरूकता जरूरी

सरकार की नई व्यवस्था के तहत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो सबसे पहले मौके पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित वाहन का पंजीकरण तत्काल रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इतना ही नहीं, वाहन चला रहे नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या ऐसे मामलों की होती है, जिनमें बिना लाइसेंस या कम उम्र के चालक शामिल होते हैं। ऐसे हादसों में कई बार निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता पैदा करना है।

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गलत फैसला बड़े हादसे का बन सकता है कारण

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को कम उम्र में वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिद या शौक के कारण उन्हें वाहन सौंपना भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यदि अभिभावक स्वयं सतर्क रहेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

परिवहन विभाग का मानना है कि इस सख्त नीति के लागू होने के बाद नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही अभिभावक और वाहन मालिक भी अधिक जिम्मेदारी दिखाएंगे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों की जांच की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी।

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